Noida: साइबर अपराधों का कहर नोएडा में लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन लोग इन अपराधियों का शिकार बनते हैं, और इस बार खुद जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी को इसका सामना करना पड़ा। शुक्रवार को नोएडा के जिला अधिकारी (डीएम) मनीष कुमार वर्मा की आईडी साइबर अपराधियों ने हैक कर ली, जिसके बाद डीएम की आईडी से कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के ट्वीट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।
वायरल हुआ विवादित ट्वीट
घटना उस समय शुरू हुई जब सुप्रिया श्रीनेत ने एक ट्वीट किया। डीएम मनीष कुमार वर्मा की आईडी से इस ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा गया, “अरे तुम अपनी और अपने पप्पू के बारे में सोचो।” यह टिप्पणी कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद बवाल मच गया। हालांकि, यह ट्वीट कुछ देर बाद हटा दिया गया।
इस विवादित टिप्पणी के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने डीएम को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “यह डीएम नोएडा हैं, पूरे जिले की जिम्मेदारी इनके कंधों पर है। देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बारे में इनकी भाषा और विचार देखे जाने चाहिए। प्रशासन में संघियों की भरमार हो गई है, और वे संवैधानिक पदों पर बैठकर नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं।”
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
इस घटना के बाद नोएडा डीएम की ओर से सेक्टर-20 थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई। एफआईआर के मुताबिक, 13 सितंबर की शाम को डीएम की आईडी को किसी असामाजिक तत्व ने हैक किया और उसका दुरुपयोग कर अभद्र राजनीतिक टिप्पणी की। एफआईआर में इसे आपत्तिजनक बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने नोएडा में साइबर सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर किया है, और यह साफ हो गया है कि साइबर अपराधियों के निशाने पर अब बड़े अधिकारी भी आ रहे हैं।
साइबर अपराधों पर चिंता
नोएडा में साइबर क्रिमिनल्स की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। आए दिन हो रही साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं के बीच अब इस तरह की हाई-प्रोफाइल घटनाएं प्रशासन की साइबर सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा है कि उनकी आईडी को हैक करके जो भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, वह पूरी तरह से झूठी और गलत है। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
नोएडा प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक और आपत्तिजनक जानकारी को फैलाने से बचें और साइबर अपराधियों से सतर्क रहें।

