UP News: भारतीय रेल को साजिशों का शिकार बनाने की नापाक कोशिशें लगातार जारी हैं। चाहे कानपुर में हुए दो ट्रेन हादसे हों या अजमेर में मालगाड़ी को पलटने की साजिश, देश की तमाम जांच एजेंसियां इन घटनाओं की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई हैं। कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस हादसा हो या हाल ही में कालिंदी एक्सप्रेस का मामला, पुलिस, आईबी, एटीएस और क्राइम ब्रांच जैसी प्रमुख एजेंसियां इन मामलों की जांच में जुटी हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस सबूत या संदिग्धों के खिलाफ मजबूत सबूत हाथ नहीं लगे हैं।
संदिग्धों से पूछताछ जारी, लेकिन नतीजा नहीं
कानपुर हादसे के संबंध में अब तक 50 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है, और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। इसके बावजूद, जांच एजेंसियों की जांच में कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। कानपुर पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरिश्चंद्र ने कालिंदी एक्सप्रेस हादसे से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से मामले की तहकीकात कर रही हैं, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
एनआईए ने छोड़ा संदिग्ध शाहरुख
शिवराजपुर क्षेत्र में हुए ट्रेन हादसे के संदर्भ में पुलिस ने एक संदिग्ध शाहरुख को हिरासत में लिया था, जिसे एनआईए लखनऊ लेकर गई थी। हालांकि, जांच के बाद शाहरुख को छोड़ दिया गया है। जांच एजेंसियां अब शाहरुख से मिली जानकारी के आधार पर नई कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
ये भी पढ़ें..
अभी जारी रहेगी जांच
एडिशनल पुलिस कमिश्नर के अनुसार, कानपुर के 10 किलोमीटर के दायरे में सभी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उनसे जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ हो रही है। पर अब तक की छानबीन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। एजेंसियों का कहना है कि जांच अभी जारी रहेगी और जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद है।

