Greater Noida News: भारतीय सेना में महिला अधिकारियों के पहले बैच की एक महिला अधिकारी ग्रेटर नोएडा में मिली। वह बहुत कमजोर दिख रही थी और मानसिक रूप से भी बीमार थी। बताया जा रहा है कि उसका पैर बहुत खराब स्थिति में है, यहां तक कि उसे काटना पड़ सकता है। महिला मेजर ने भारत सरकार से उसके उचित इलाज की अपील की है।
क्या है पूरी कहानी
कैप्टन शशि बाला 1992 में भारतीय सेना के पहले बैच का हिस्सा थीं। पांच साल की सेवा के बाद वह 1997 में सेवानिवृत्त हो गईं। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह अपने गृह राज्य पंजाब लौट गईं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद सेना की मेजर निशा ने उन्हें पहचान लिया। जांच करने पर पता चला कि वह चार दिनों से ग्रेटर नोएडा के जीआईएमएस अस्पताल में भर्ती थीं। बाद में किसी ने उन्हें डीएम कार्यालय में छोड़ दिया। किसी तरह वह ट्रेन से पुणे पहुंचीं, जहां उनका फिलहाल मिलिट्री अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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पैर कटने का खतरा
मेजर निशा ने बताया कि शशि बाला का पैर बहुत खराब हालत में है और अब उसके कटने का खतरा है। उन्होंने इस मामले में सभी से अपील की है, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। अब उन्होंने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि शशि बाला का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।

