अगले महीने दिल्ली से सटे राज्य हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने है। जिसको लेकर तैयारियां जोड़ों पर है। जनता के मत को अपने पक्ष में करने करने पार्टियां प्रयास में लगी हुई है। ज्ञात हो कि दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे विधानसभा चुनाव में अलग-अलग प्रत्याशी उतारेंगी। लेकिन अब जब हरियाणा में विधानसभा चुनाव होनी है तो खबरों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना को हवा मिल रही है।
हरियाणा में तकरार या करार
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की तरफ से हरियाणा चुनाव में गठबंधन को लेकर अभी तक किसी प्रकार की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन चुकी दोनों पार्टियों ने बीते लोकसभा चुनाव में एक साथ चुनाव लड़ा था इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव में भी ऐसी कयास लगाई जा रही है। लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो दोनों पार्टियों के बीच फिलहाल किसी गठबंधन की संभावना नहीं है।
गठबंधन को लेकर कोई अधिकारी घोषणा नहीं
ज्ञात हो की लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद 4 जून को कांग्रेस और AAP दोनों दलों ने इस बात की पुष्टि की थी कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में कोई गठबंधन नहीं होगा। इसके बाद से, दिल्ली कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को सिविक मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया है, जिसमें भ्रष्टाचार भी प्रमुख है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं और उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
दिल्ली कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। पिछले आम चुनाव में दिल्ली कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने आप-कांग्रेस गठबंधन से नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। इस घटना के बाद से दिल्ली कांग्रेस और AAP के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। कांग्रेस पार्टी दिल्लीवासियों के बीच जलभराव, करंट लगने से हुई मौतें और बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ भी मुखर है।विधानसभा चुनाव 2025 में अब छह महीने से भी कम समय बचा है और कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना रही है।

