गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया हैं। जहां एक गर्भवती महिला के साथ चलती कार में तीन लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया। मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने उसे नोएडा के सेक्टर-63 से आने का झांसा दिया था। दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच नोएडा ट्रांसफर कर दी है। सेक्टर-63 थाने ने अब मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लिव-इन रिलेशनशिप में थी पीड़िता
पुलिस को दिए जानकारी में 20 वर्षीय पीड़िता ने अपनी एफआईआर में बताया कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी और करीब चार महीने की गर्भवती है। वह सेक्टर-63 में एक निजी कंपनी में काम करती है, जहां ठेकेदार समीर काम करता है।3 जुलाई की दोपहर को समीर ने उसे फोन करके बताया कि कंपनी में एक कर्मचारी बीमार है और उसे देखने की जरूरत है। समीर बाइक से आया और उसे उठाकर खोड़ा कॉलोनी ले गया, जहां पहले से ही एक बोलेरो एसयूवी खड़ी थी, जिसमें दो लोग सवार थे।
नशीली दवा पिला गर्भवती से दुष्कर्म
पीड़िता ने बताया कि कार में सवार एक व्यक्ति का नाम सतेंद्र था, जबकि दूसरे की पहचान नहीं हो पाई। वहां पहुंचने पर समीर ने उन्हें कार में बैठकर चले जाने का सुझाव दिया। उस पर भरोसा करके पीड़िता कार में बैठ गई। कुछ दूर चलने के बाद आरोपी ने एक सॉफ्ट ड्रिंक खरीदी, जिसे पीने के बाद उसे चक्कर आने लगा। इसके बाद आरोपी ने कार में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसे होश आया तो उसने उनसे जाने देने की गुहार लगाई और बताया कि वह गर्भवती है और उसे घर लौटना है। उसके आग्रह के बावजूद दुष्कर्म जारी रहा। आरोपी ने आखिरकार उसे घर वापस छोड़ दिया।
पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज
पीड़िता ने दावा किया कि जब वह सेक्टर-63 थाने में शिकायत दर्ज कराने गई तो मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद वह दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाने गई, जहां उसने लिखित शिकायत दर्ज कराई। वहां की पुलिस ने मामला दर्ज किया, उसका बयान दर्ज किया और एम्स में मेडिकल जांच कराई। पीड़िता का आरोप है कि समीर ने उसका अपहरण किया, उसे नशीला पदार्थ दिया और फिर तीन लोगों को उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने दिया। सेंट्रल जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

