69000 Teachers Recruitment: सोमवार को 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित ओबीसी अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर धरना दिया। डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास के सामने विशाल प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें अभ्यर्थी हाईकोर्ट के आदेश को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने केशव मौर्य के साथ-साथ एनडीए सरकार में शामिल ओबीसी नेताओं अनुप्रिया पटेल और ओम प्रकाश राजभर की तस्वीरों वाले पोस्टर थामे हुए हैं।
केशव प्रसाद मौर्य 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में हाईकोर्ट के फैसले का खुलकर स्वागत करने वाले पहले प्रमुख भाजपा नेता हैं। हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर नई सूची बनाने का निर्देश दिया है और अभ्यर्थी आग्रह कर रहे हैं कि यह सूची जल्द से जल्द जारी की जाए। अभ्यर्थियों को डर है कि कोई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है, जिससे मामला फिर से कोर्ट में जा सकता है।
अभ्यर्थियों ने तेज किया आंदोलन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। अभ्यर्थियों की मांग है कि हाईकोर्ट के आदेश का अविलंब पालन किया जाए, प्रशासन द्वारा तत्काल नई सूची बनाई जाए और पुरानी सूची के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाया जाए। साथ ही उनकी मांग है कि नई सूची बनाने की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी जाए।
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के पैमाने को देखते हुए डिप्टी सीएम आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि पिछड़े वर्ग और दलितों के आरक्षण के मुद्दे पर नेता चुप क्यों हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मुद्दा गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इसे योगी सरकार पर हमला करने का मौका बनाया है, जबकि एनडीए के कई सहयोगी और भाजपा नेताओं ने अपनी सरकार के विरोध में भी हाईकोर्ट के फैसले का खुलकर स्वागत किया है।

