Greater Noida: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक बड़े अपराध का खुलासा करते हुए अवैध अबॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश किया है। बीते 15 अगस्त को जेवर कोतवाली में एक युवक, वसीम, ने अपनी मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। वसीम ने बताया कि उसकी मां, जो एक विधवा थी, 6 अगस्त से लापता थी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू की और कुछ ही दिनों में मामले की तह तक पहुंच गई।
पड़ोसी से अवैध संबंध के चलते हुई गर्भवती
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 38 वर्षीय विधवा महिला का अपने पड़ोसी जमशेद के साथ अवैध संबंध था। इस अवैध संबंध के चलते महिला गर्भवती हो गई थी। जब महिला ने जमशेद को अपनी गर्भावस्था की जानकारी दी, तो जमशेद ने इस समस्या का हल निकालने के लिए अपने दोस्त सद्दाम को बुलाया। सद्दाम ने मोनू और उसकी भाभी गुड्डू देवी से संपर्क किया, और चारों ने मिलकर गर्भवती महिला को बुलंदशहर के डिबाई में एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले जाने की योजना बनाई।
अबॉर्शन के दौरान महिला की मौत
डिबाई में स्थित झोलाछाप डॉक्टर मनोज और उसकी पत्नी मिथलेश देवी ने गर्भवती महिला का अबॉर्शन करने की कोशिश की। अबॉर्शन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद, सभी आरोपी घबरा गए और उसके शव को अनूपशहर के जंगल में झाड़ियों में फेंक दिया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने जमशेद से पूछताछ के बाद बताए गए स्थान पर जाकर महिला के शव को बरामद कर लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मनोज, उसकी पत्नी मिथलेश, राज बहादुर और जमशेद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम अब सद्दाम, मोनू और मोनू की भाभी गुड्डी देवी की तलाश कर रही है, जो अभी फरार हैं।
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पुलिस टीम को 25,000 रुपये का इनाम
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी साद मियां खान ने इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है। इस मामले ने न केवल एक अवैध अबॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश किया है, बल्कि समाज के कई स्याह पहलुओं को भी उजागर किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता ने एक संगीन अपराध को सामने लाकर अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा कर दिया है।

