Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में हाल ही में एक कैब चालक से लूटपाट के मामले में पुलिस पर गाज गिरी थी। इस घटना में पुलिसकर्मी के लिप्त होने की पुष्टि के बाद, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कड़ा एक्शन लेते हुए कई अधिकारियों पर कार्रवाई की थी। लेकिन अब ताजा जानकारी के अनुसार, सस्पेंड किए गए बिसरख थाना प्रभारी अरविंद कुमार को चार दिन बाद ही बहाल कर दिया गया है। हालाँकि, इस बहाली की आधिकारिक पुष्टि अभी तक जिले के जिम्मेदार पुलिस अफसरों ने नहीं की है।
क्या था मामला?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में बीते 7 अगस्त की रात एक कैब चालक से 7 हजार रुपये लूटने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कार्रवाई करते हुए बिसरख थाना प्रभारी (एसएचओ) अरविंद सिंह, चौकी इंचार्ज गौर सिटी-1 सब इंस्पेक्टर रमेश चन्द्र और सब इंस्पेक्टर मोहित को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, लूटपाट में शामिल ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अमित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा पर भी गिरी गाज
इस घटना का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने में देरी पर डीसीपी सेंट्रल नोएडा सुनीति को भी पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह आईपीएस अधिकारी शक्ति मोहन अवस्थी को डीसीपी सेंट्रल नोएडा के पद पर नियुक्त किया गया है।
समझौते का दबाव
मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी और अन्य अज्ञात व्यक्ति दिखाई दिए। कैब चालक ने पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत दी, लेकिन चौकी प्रभारी ने लूटपाट करने वाले सब इंस्पेक्टर का नाम छिपाने की कोशिश की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने सब इंस्पेक्टर को बुलाकर पहचान करवाई, लेकिन नाम बताने से इंकार किया। इसके बजाय, सात हजार रुपये वापस कराकर समझौता करने का दबाव डाला गया, जिसे पीड़ित ने ठुकरा दिया और पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।
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दारोगा को बचाने की कोशिश
पीड़ित राकेश तोमर ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने सब इंस्पेक्टर को बचाने का प्रयास किया और उसके साथ शामिल अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन सब इंस्पेक्टर का नाम शिकायत से वापस लेने को कहा। जब पीड़ित ने इस पर सहमति नहीं दी, तो तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

