Greater Noida: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने सोमवार को 130 मीटर एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करते समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया। निरीक्षण के दौरान अचानक एक भैंस के बच्चे के सड़क पर आ जाने से सरकारी काफिले की कारें आपस में टकरा गईं।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बाल-बाल बचीं, दो ड्राइवर और दो अफ़सर घायल
निरीक्षण के दौरान एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, जेई हरेंद्र सिंह, सीनियर मैनेजर आरए गौतम और मैनेजर अभिषेक पाल के साथ थीं। हरेंद्र सिंह की कार के आगे अचानक भैंस का बच्चा आ गया, जिससे ड्राइवर को इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़ी। इसके चलते पीछे चल रही कारें एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बाल-बाल बच गईं, लेकिन दो ड्राइवर और दो अफ़सर घायल हो गए। इनके अलावा पीछे चल रही एक अन्य कार में सवार युवती भी हादसे का शिकार हुई, परंतु सभी लोग सकुशल हैं।
बस कॉरिडोर के निर्माण के लिए किया जा रहा था निरीक्षण
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, 130 मीटर एक्सप्रेसवे पर बस कॉरिडोर के निर्माण के लिए निरीक्षण करने गई थीं। इस परियोजना के माध्यम से नोएडा और ग्रेटर नोएडा को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने की योजना है। इसी सिलसिले में एसीईओ अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने गई थीं, जब यह हादसा हुआ।
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130 मीटर एक्सप्रेसवे की असुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर से 130 मीटर एक्सप्रेसवे की असुरक्षा को उजागर करता है। एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं का घूमना, ओवरस्पीडिंग और विपरीत दिशा में वाहन चलाने जैसी समस्याएं आम हैं। 25 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर रात के समय अंधेरा रहता है क्योंकि स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। इस मार्ग पर हादसे रोज़ाना की बात हो गई हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं, परंतु प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

