Waqf Act Amendment: वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर नई अपडेट आई है। इस विधेयक को पेश करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है। कुछ मुस्लिम मौलवी बेतुके बयान देकर खतरनाक नैरेटिव बना रहे हैं। ये मौलवी कह रहे हैं कि मुसलमानों की जमीन छीन ली जाएगी। इस बीच मुस्लिम महिलाएं और आम मुसलमान पूछ रहे हैं कि सरकार मौजूदा वक्फ एक्ट में बदलाव क्यों नहीं कर रही है।
दरअसल, इससे पहले सरकार बिल के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगी। केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने के पक्ष में है। हर बोर्ड और काउंसिल में दो महिलाओं की सदस्यता होगी। आम मुसलमानों का कहना है कि पुराने एक्ट के तहत वक्फ संपत्ति को किसी कानून में चुनौती नहीं दी जा सकती। यहां तक कि सऊदी या ओमान में भी हमारे पास ऐसा कोई कानून नहीं है। एक बार जमीन वक्फ ें चली गई तो आप उसे वापस नहीं ले सकते।
दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में वक्फ संपत्ति
इसके साथ ही इन लोगों का यह भी कहना है कि ताकतवर मुसलमानों ने वक्फ बोर्ड पर कब्जा कर लिया है। सबसे ज्यादा असर मुस्लिम महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। अगर किसी महिला का तलाक हो जाता है तो उसे और उसके बच्चों को कोई अधिकार नहीं मिलेगा। भारत में वक्फ संपत्ति दुनिया में सबसे बड़ी है और इससे 200 करोड़ का राजस्व भी नहीं मिल रहा है। इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारें या अदालतें भी हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं।
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वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वालों के अलावा अन्य लोग इस अधिनियम के खिलाफ हैं। सच्चर कमेटी ने भी कहा है कि वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता होनी चाहिए। वक्फ संपत्ति का इस्तेमाल सिर्फ मुसलमान ही कर सकते हैं।
नए बिल में किए गए बदलाव
नए बिल में एक बात यह होगी कि वक्फ संपत्ति सिर्फ मुसलमान ही बना सकते हैं। राज्यों में वक्फ बोर्ड में महिला सदस्य होंगी। अभी महिलाएं वक्फ बोर्ड और काउंसिल की सदस्य नहीं हैं और जहां वक्फ बोर्ड नहीं है, वहां वे ट्रिब्यूनल में जा सकती हैं, जो अभी मौजूद नहीं है। सरकार लैंगिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। नए बिल के मुताबिक हर राज्य बोर्ड में दो महिलाएं और केंद्रीय परिषद में दो महिलाएं होंगी।

