Noida News: सामूहिक दुष्कर्म के आरोप और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में बंद स्क्रैप माफिया रवि काना के साथियों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। कुछ पुलिस अफसरों समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है। कमिश्नरेट पुलिस के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार स्क्रैप माफिया रवि काना की मदद करने वालों की पहचान कर आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। इन साथियों की करतूतों का विस्तृत ब्योरा पुलिस कमिश्नर को भेज दिया गया है।
मदद करने वाले कुछ पुलिस अफसर पहले भी जिले में तैनात थे, जबकि कुछ अभी भी वहीं कार्यरत हैं। इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि एक महीने के अंदर इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे रवि काना के गिरोह के सदस्यों में बेचैनी है, जो आगामी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगे हैं।
हाल ही में गर्लफ्रेंड को मिली जमानत
रवि काना की महिला साथी काजल झा को हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। जमानत के बाद काजल झा लुक्सर जेल से रिहा हो गई। हालांकि, रवि काना को अभी तक कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोप लगने के बाद रवि अपनी पत्नी और महिला सहयोगी के साथ बैंकॉक भाग गया था। उन्हें थाई पुलिस ने गिरफ्तार किया और बाद में वापस दिल्ली लाया गया।
माफिया पर कई आरोप
2014 में अपने भाई की हत्या के बाद रवि काना ने पूरे गिरोह को अपने नियंत्रण में ले लिया। उसने कई बड़े स्क्रैप डीलरों के कारोबार बंद करवा दिए और उनका माल अपने कब्जे में ले लिया। उसने पैसे उगाहना भी शुरू कर दिया। आरोप है कि कई पुलिस अधिकारी रवि काना का समर्थन कर रहे हैं। उस पर स्क्रैप के ठेकों को लेकर कई लोगों की हत्या करने का आरोप है। जनवरी 2024 में सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के एक मॉल की पार्किंग में रवि काना और पांच अन्य के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। यहीं से गिरोह के पतन की शुरुआत हुई।
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हत्याओं में संलिप्तता
पुलिस के मुताबिक, रवि काना का गिरोह कथित तौर पर स्क्रैप का कारोबार करता है और ठेके हासिल करने के लिए आपराधिक गतिविधियों का इस्तेमाल करता है। स्क्रैप के ठेकों को लेकर उसने कई हत्याओं को अंजाम दिया है। जनवरी 2024 में बीटा-2 थाने में रवि काना के गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में दनकौर के दादूपुर निवासी रवि नागर उर्फ रवि काना के अलावा राजकुमार नागर, तरुण, अमन, विशाल, अवध, महकी नागर, अनिल, विक्की, अफसर, राशिद अली, आजाद नागर, प्रहलाद, विकास नागर, मधु और काजल झा शामिल थे।
गिरोह की नई संपत्तियों की पहचान
इस बीच पुलिस रवि काना और उसके गिरोह के सदस्यों से जुड़ी नई चल-अचल संपत्तियों की भी पहचान कर रही है। कुछ नई संपत्तियों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें जब्त करने की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। कमिश्नरेट पुलिस पहले ही रवि काना और उसके साथियों की अरबों रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

