राजधानी के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की मौत (Coaching Incident) हो गई। हादसे के बाद सरकार और कोचिंग इंस्टिट्यूट के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है। घटना को लेकर प्रशासन ने कोचिंग इंस्टिट्यूट पर कार्रवाई भी की है। राजधानी के 13 से अधिक ऐसे प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट जिसमें अवैध तरीके से शिक्षण कार्य की जा रही थी। सभी को नोटिस जारी की गई है और उन्हें सील कर दिया गया हैं। इसके साथ साथ प्रशासन हादसे की जांच कर रही हैं।
नोएडा में भी अवैध तरीके से चल रहा है Coaching centres
राजधानी में हुए इस हादसे के बाद प्रदेश सरकार भी सख्त हो गई है। योगी सरकार ने प्रदेश के ऐसे Coaching centres जो अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। सरकार के निर्देश के बाद निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट के खिलाफ कार्रवाई की गई हैं। नोएडा में फायर विभाग की टीम और बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण किया गया। जिसके बाद सेक्टर 62 के कुछ नामी प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया गया।
प्राइवेट Coaching इंस्टिट्यूट के खिलाफ हुई कार्रवाई
सरकार के निर्देशों के बाद प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट का निरक्षण किया जा रहा है। इस दौरान तय मानकों के अनरूप न चलने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई भी की जा रही है। इस कड़ी में नोएडा सेक्टर 62 में तय मानकों का पालन किये बिना अवैध तरीके से चल रहें प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन संस्थाओं को सील कर दिया गया। बाकी अन्य कोचिंग सेंटरों की जांच की जा रही है। सील किये गए कोचिंग सेंटरों में आकाश इंस्टिट्यूट और फिटजी इंस्टिट्यूट शामिल है। इन कोचिंग सेंटरों पर बेसमेंट में शिक्षण कार्य किया जा रहा था। इन इंस्टिट्यूट के अलावा बाकी अन्य की जांच की जा रही हैं।
योगी सरकार ने जारी किये निर्देश
योगी सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार Coaching centres Basement के इस्तेमाल और स्वीकृति के लिए पहले से निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया हैं। आवास एवं शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गोकर्ण ने निर्देश जारी किया है कि बेसमेंट में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियां तथा बारिश के दौरान उसकी खुदाई नहीं किया जाएगा। पहले से स्वीकृत बेसमेंट के मानचित्र के अनुसार ही उसका प्रयोग किया जाएग। इसके लिए विकास प्राधिकरणों को निर्देश जारी किए गए हैं। सरकर इसकी जांच के लिए पहले प्राधिकरण स्तर पर टीम तैयार करेगी। जो जांच करेगी की बेसमेंट में कोई अवैध कार्य नहीं किया जा रहा। इसके बाद किसी तरह की आपदा की जिम्मेदारी अफसर की होगी।

