NHRC ने गुरुवार को कहा कि उसने राजधानी में एक अस्पताल के अंदर एक मरीज की गोली मारकर हत्या की घटना के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली सरकार और शहर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि मरीजों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनकी सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर सरकारी अस्पतालों के प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट पर NHRC का स्वतः संज्ञान
NHRC ने कहा कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि 14 जुलाई को दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित जीटीबी अस्पताल के एक वार्ड के अंदर हमलावरों ने एक मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 15 जुलाई को मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के वार्डों में कोई भी बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश कर सकता है। बयान में कहा गया है कि सुरक्षा गार्ड मरीजों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं देते हैं।
चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए NHRC का निर्देश
रिपोर्ट के हवाले से कहा कि मरीजों से मिलने के लिए अस्पताल के अंदर आने वालों की सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा कभी जांच नहीं की जाती है। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मेटल डिटेक्टर, बैग स्कैनर जैसे उपकरणों का कोई प्रावधान नहीं है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही है तो इससे दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा की कमी का गंभीर मुद्दा उठता है। जाहिर है, सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है। बयान में कहा गया है कि तदनुसार, आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव और दिल्ली के मुख्य सचिव तथा शहर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
अस्पताल के भीतर मरीज की गोली मारकर हत्या
रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि आमतौर पर मरीजों के परिचारकों को अस्पताल द्वारा विशेष परिचारक या आगंतुक कार्ड जारी किए जाते हैं, ताकि अस्पताल के वार्डों में अवांछित आगंतुकों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जा सके, लेकिन मरीजों के परिचारकों को आगंतुक कार्ड जारी करने की प्रणाली दिल्ली के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में कार्यात्मक नहीं है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों द्वारा परिचारकों को ऐसे कोई कार्ड जारी नहीं किए जा रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिना किसी पूछताछ के आगंतुकों को आने देते हैं। राष्ट्रीय राजधानी के जीटीबी अस्पताल में हिंसा की यह हालिया घटना कोई अलग मामला नहीं है।

