Noida: नोएडा के जुनैदपुर के मढिया गांव में लगातार दूसरे दिन भी तनाव जारी रहा, जहां ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया। शनिवार को गांव के पुरुष निवासी भाग गए। पुलिस ने थाना प्रभारी के वाहन को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 36 नामजद ग्रामीणों के खिलाफ दंगा और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है।
भारी तनाव के बीच गैंग शूटर गिरफ्तार
शुक्रवार रात को स्थानीय स्तर पर कड़े विरोध के बीच पुलिस ने सुंदर भाटी गैंग के शार्प शूटर संदीप नागर को गिरफ्तार किया। अपने घर के आसपास भारी पुलिस बल को देखकर नागर घबरा गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अधिकारियों के चरणों में दया की भीख मांगी। नागर के साथ ही पुलिस ने दादरी से अशोक शर्मा को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस ने घटनास्थल से बुलेटप्रूफ कार, एक पिस्तौल, एक लाइसेंसी राइफल और एक एयर गन जब्त की। राइफल का लाइसेंस दूसरे नाम से पाया गया। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात को गलगोटिया विश्वविद्यालय के पास नियमित जांच के दौरान संदिग्ध नितिन बड़पुरा, दिनेश घनघोला और रिंकू नरौली को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उनके पास से तीन अवैध पिस्तौल बरामद की गई। पूछताछ के दौरान नितिन और दिनेश ने बताया कि उन्होंने संदीप नागर से हथियार खरीदे थे। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसी रात नागर की गिरफ्तारी की योजना बनाई।
पुलिस के साथ तीखी झड़प
संदीप नागर के घर पर छापा मारने पर वह अधिकारियों के पैरों में गिर गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई तरह की रिश्वत की पेशकश की। एक साल पहले जब नागर ने पुलिस की गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश की थी, उसके विपरीत इस बार अधिकारियों को पीछे न हटने का निर्देश दिया गया। डीसीपी साद मियां खान ने अपनी ज़मीन पर डटे रहने के निर्देश पर ज़ोर दिया। इसके बाद हुई मुठभेड़ में पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की ओर से पांच के जवाब में 15 गोलियां चलाईं।
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शुक्रवार रात को दनकौर, इकोटेक-1 स्वाट टीम और आस-पास के पुलिस थानों के समन्वित प्रयास में अधिकारियों ने नागर के घर को घेर लिया। अपने साथियों से सतर्क होने पर नागर ने पकड़े जाने से बचने की कोशिश की। पुलिस ने उसके घर को घेर लिया और एक टीम अंदर घुस गई, लेकिन उसे शुरू में कोई प्रतिरोध नहीं करना पड़ा। हालांकि, जब वे नागर को बाहर ले गए, तो घर की महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। इस हंगामे के दौरान, आस-पास की छतों पर मौजूद ग्रामीणों ने अधिकारियों पर पथराव और गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे पुलिस को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। इस अफरातफरी के बीच पुलिस ने संदीप नागर और उसके साथी अशोक शर्मा को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूरे ऑपरेशन के दौरान कड़ी निगरानी रखी। अधिकारी हाई अलर्ट पर इस घटना ने गांव में तनाव बढ़ा दिया है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तत्परता ने गिरोह के सदस्यों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया, लेकिन जुनैदपुर में इसके बाद की घटनाएं सामने आ रही हैं।

