उत्तर पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से पिछले शनिवार रात एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है । जहां एक अफ्रीकी नागरिक को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद घायल अफ्रीकी नागरिक को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। जहां अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान संडे अर्नेज मोराह (40) के रूप में हुई है। अफ्रीकी नागरिक चंदर विहार के पास किराए के मकान में रह रहा था, हाल ही में वह करीब छह महीने पहले हौज खास से शिफ्ट हुआ था। यह वारदात CCTV में कैद हो गया।
घटना की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:30 बजे चंदर विहार में गोलीबारी की सूचना देने वाली एक PCR कॉल मिली। सूचना मिलने पर तुरंत घटनास्थल पर पुलिस पहुंची। घटनास्थल पर पुलिस को सड़क और एक दुकान के अंदर खून के धब्बे मिले। जिसके बाद FSL और क्राइम टीम को जांच के लिए घटनास्थल पर बुलाया गया। दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में इलाज के दौरान अफ्रीकी नागरिक की मौत हो गई।
घटना CCTV फुटेज में कैद
घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज से पता चला है कि इस घटना को बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया है। बाइक की नंबर प्लेट से भी छेड़छाड़ की गई है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसमें से तीन गोलियां मृतक अफ्रीकी नागरिक को लगीं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मृतक कपड़े की दुकान के बाहर खड़ा था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया। बचने के लिए वह कपड़े की दुकान के अंदर भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और उसे फिर से गोली मार दी। दो गोलियां उसके पेट में लगीं, जबकि एक उसके पैर में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
धोखाधड़ी मामले में शामिल होने की उम्मीद
मिली जानकारी के अनुसार मृतक अफ्रीकी नागरिक उत्तर प्रदेश में धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल था। जिस तरह से उस पर हमला किया गया, उससे साफ है कि हमलावरों को उसके ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी थी। इसमें किसी बड़े गिरोह का हाथ है। इस घटना में आपसी रंजिश और लेन-देन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया है और अफ्रीकी दूतावास को घटना की सूचना दे दी है, ताकि उसके परिजनों को सूचित किया जा सके। फिलहाल पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और मामले की सच्चाई जानने के लिए उसके दोस्तों से पूछताछ कर रही है। इस बीच, एटीएस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की विशेष टीमें हमलावरों की तलाश और मामले की जांच के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं।

