नोएडा में साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर Trading की आड़ में 48.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक्सिस बैंक का एक जूनियर मैनेजर भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन जब्त कर उनके खातों में 3.25 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं।
एक्सिस बैंक में जूनियर मैनेजर है आरोपी
मामले में 16 अप्रैल को मामला दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस जांच कर रही थी। साइबर सेल की टीम गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही थी। मामले में नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने सेक्टर-41 से ऋषभ मिश्रा और धीरज पोरवाल को पकड़ा गया। ऋषभ मिश्रा जलवायु विहार के सेक्टर-25 स्थित एक्सिस बैंक में जूनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। धीरज पोरवाल फर्जी फर्म चलाता था।
फर्जी Trading प्लेटफॉर्म से ठगी
साइबर सेल के एसीआईपी विवेक रंजन रे ने बताया कि साइबर जालसाजों ने फर्जी Trading प्लेटफॉर्म बनाकर हाल ही में नोएडा में एक व्यक्ति से 48.50 लाख रुपये ठगे थे। जिसके बाद इस संबंध में नोएडा साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि दोनों जालसाज अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर फर्जीTrading प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठगते थे। फर्जी फर्म के नाम से खोले गए खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे।
अलग अलग खातों के कुल 3.25 लाख रुपये फ्रिज
पुलिस ने बताया कि ये लोग आरके ट्रेडर्स और अन्य फर्मों के लिए व्यापारियों की आड़ में खाते खोलने, न्यू अशोक नगर, दिल्ली में दुकानों के लिए रेंट एग्रीमेंट बनाने, पोरवाल ट्रेडर्स जैसी फर्मों के खाते खोलने के लिए कमीशन कमाते थे। दुकान के पते पर अलग-अलग फर्मों के बैनर और मुहरें तैयार की जाती थीं। फर्जी फर्मों के नाम पर विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खोले गए। इन खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। इनके पास से साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल फोन जब्त किया गया। विभिन्न बैंक खातों में कुल 3.25 लाख रुपये फ्रीज किए गए।

