केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता Jitin Prasada ने अपने मंत्री पद और यूपी विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को मंजूर भी कर लिया गया हैं। केंद्र में मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब वो मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सरकार की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
लगातार हार के बाद Jitin Prasada भाजपा में शामिल
यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को साल 2014 लोकसभा चुनाव में धौरहरा लोकसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा। फिर तत्कालीन कांग्रेस नेता को 2017 विधानसभा चुनाव में भी हार हार का सामना करना पड़ा। फिर 2019 लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में कम होते कद कारण 2021 जितिन प्रसाद बीजेपी में शामिल हो गए। 2024 के आम चुनाव में बीजेपी ने श्री प्रसाद को पीलीभीत से चुनाव मैदान में उतारा। सीट से तत्कालीन सांसद वरुण गांधी की टिकट काट पार्टी ने कांग्रेस से भाजपा मे आए जितिन प्रसाद को वरुण गांधी की सीट पीलीभीत से चुनाव मैदान में उतारा। चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार को करीब 164935 वोटों से हराया। जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया।
जातीय समीकरण साधने की कोशिश
लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। पार्टी राज्य में विपक्ष के जातीय समीकरण में उलझ गई। जिसके बाद मंत्रिमंडल में प्रदेश के कुल 11 सांसदों को स्थान दे पार्टी ने अपने समीकरण को ठीक करने की कोशिश करती दिख रही हैं। पार्टी ने राज्य में ब्राह्मणों को अपने पक्ष में करने के लिए जितिन को मंत्री बनाया है।
मोदी 3.0 सरकार में राज्य मंत्री
मोदी सरकार में मंत्री बने Jitin Prasada ने योगी आदित्यनाथ सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री पद और यूपी विधान परिषद से इस्तीफ़ा दे दिया, उनके इस्तीफे को स्वीकृति मिल गई है। पीलीभीत से सांसद चुने जाने वाले बाद जितिन प्रसाद को मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जितिन को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

