Loksabha Election 2024: 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। इस बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में 10 सीटें जीतने वाली मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक भी सीट नहीं मिली। हालांकि, उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद की जीत ने मायावती की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से जीते आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मुझे सिर्फ दलितों से ही नहीं बल्कि पाल, प्रजापति, कश्यप, सैनी, मौर्य, शाक्य और मुस्लिम समुदाय से भी वोट मिले हैं।”
चंद्रशेखर की जीत के क्या मायने हैं?
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं। नगीना में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों का गठबंधन बना था। अगर मुझे उत्तर प्रदेश में भी यही मौका मिला तो प्रदेश में बड़ा बदलाव आएगा। राजनीति एक कला है जिसे समझने में समय लगता है। हम हाशिए पर हैं, लेकिन हमें लड़ना चाहिए ताकि हमारा समाज हाशिए पर न रहे।”
क्या मायावती का कमजोर होना चंद्रशेखर के लिए वरदान है?
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती उनके परिवार में नेता के तौर पर सम्मानित व्यक्ति हैं। राजनीति में बदलाव प्रकृति का नियम है। बाबा साहब के अधूरे काम को कांशीराम ने पूरा करने का प्रयास किया। कांशीराम के अधूरे काम को बहनजी (मायावती) ने पूरा करने का प्रयास किया और अब जो अधूरा काम बचा है उसे आजाद समाज पार्टी पूरा करेगी।
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चंद्रशेखर आजाद कितने वोटों से जीते?
गौरतलब है कि चंद्रशेखर आजाद ने नगीना लोकसभा सीट से 151,473 वोटों से जीत दर्ज की थी। उन्हें 512,552 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के ओम कुमार को 361,079 वोट मिले। इसके अलावा सपा उम्मीदवार मनोज कुमार तीसरे और बसपा उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह चौथे स्थान पर रहे।

