नई दिल्ली, 4 जून, 2024 – लोकसभा चुनाव के बाद शेयर बाजार में आई नाटकीय गिरावट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तीखी आलोचना की है। 1 जून को एग्जिट पोल जारी होने के एक दिन बाद यानी 3 जून को शेयर बाजार में अभूतपूर्व उछाल आया, लेकिन चुनाव नतीजों के बाद 4 जून को इसमें भारी गिरावट आई। इस संदर्भ में गांधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
3 जून को शेयर बाजार ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ
राहुल गांधी ने कहा, “चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री ने शेयर बाजार के बारे में टिप्पणी की, लोगों को शेयर खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया, दावा किया कि इसमें उछाल जारी रहेगा। 1 जून को मीडिया ने झूठे एग्जिट पोल जारी किए। भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षणों ने संकेत दिया कि वे 220 सीटें हासिल करेंगे, और विभिन्न एजेंसियों ने 200 से 220 सीटों के बीच भविष्यवाणी की। नतीजतन, 3 जून को शेयर बाजार ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।”
प्रधानमंत्री ने निवेश की सलाह क्यों दी?
गांधी ने सवाल किया, “प्रधानमंत्री ने जनता को निवेश करने की सलाह क्यों दी? अमित शाह ने लोगों से शेयर खरीदने का आग्रह क्यों किया? क्या भाजपा और इन विदेशी निवेशकों के बीच कोई संबंध है? यदि हां, तो क्या है? हम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भूमिकाओं की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया, “यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो अडानी से जुड़ा है, लेकिन यह उससे भी आगे जाता है। यह सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ा है। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस घोटाले को अंजाम दिया है। हम जानना चाहते हैं कि क्या उनके और एग्जिट पोल करने वालों के बीच कोई मिलीभगत थी। हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सीधे तौर पर इसमें शामिल हैं, इसलिए हम जेपीसी जांच की मांग करते हैं।”
जेपीसी जांच की मांग
गांधी ने जोर देकर कहा, “इस घोटाले में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने का संदेश भेजा था। उन्हें जानकारी थी कि एग्जिट पोल गलत थे और भाजपा को बहुमत नहीं मिलने वाला था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। बाजार में गिरावट के कारण 30 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जिसका फायदा सत्ता में बैठे लोगों को हुआ। इसलिए हम जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं।”
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उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “हम जनता को बता रहे हैं कि घोटाला हुआ है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री ने इसका संकेत दिया है। सच्चाई यह है कि हम जेपीसी जांच शुरू करेंगे। विपक्ष मजबूत है और संसद में स्थिति बदल गई है। हम सरकार के उच्चतम स्तरों से संकेत मिलने के साथ ही जनता को यह सच्चाई बता रहे हैं कि घोटाला हुआ है। सच्चाई यह है कि हम जेपीसी जांच शुरू करेंगे।” राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आए हैं, जब राजनीतिक माहौल गरमा गया है और गहन जांच की मांग बढ़ने के साथ ही भाजपा भी सवालों के घेरे में आ गई है।

