लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने चुके हैं। परिणामों में बीजेपी को बहुमत नहीं मिली लेकिन पार्टी नेतृत्व में एनडीए गठबंधन को बहुमत मिला है। बीजेपी का ऐसा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के नतीजों के चलते हुआ हैं। जहां पार्टी को करीब 29 सीटों का नुकसान हुआ हैं। राज्य में BSP को एक भी सीट नहीं मिली
बीजेपी को 29 सीटों का नुकसान
उत्तर प्रदेश के 80 सीटों पर इस पर समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में 37 सीटों पर सफलता मिली वहीं दूसरे नंबर पर रही बीजेपी को महज 33 सीटों पर सफलता मिली। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रही जिसे 6 सीटों पर सफलता मिली। राज्य में सबसे इंडिया गठबंधन को 43 सीट के साथ सबसे अधिक सीटों पर सफलता मिली है। जबकी एनडीए गठबंधन को महज 36 सीटों पर सफलता मिली। ऐसे में राज्य में इस उठापटक के बीच ऐसे कौन से कारण रहे जिसके कारण बीजेपी को 29 सीटों का नुकसान हुआ हैं।
BSP से किसे नफा और किसका नुकसान
लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें राज्य में सबसे ज्यादा सीट जीतने वाली दूसरी बड़ी पार्टी बसपा को इस चुनाव में 2014 के आम चुनाव की तरह एक भी सीट नहीं मिली। 2019 के चुनाव में बसपा और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन इस चुनाव में मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। जो उसके हित में नहीं रहा। पार्टी को चुनाव में महज 9.39 % वोट मिले लेकिन पार्टी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही। ऐसे में अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से बीएसपी ने किसे नुकसान और किसे फायदा पहुंचाया।
33 सीटों पर पार्टी को सफलता
चुनावी परिणामों के आकलन से ये नतीजे सामने आते हैं कि BSP का अकले मैदान में होने के फैसलों से बीजेपी को फायदा हुआ है। राज्य की जिन 33 सीटों पर पार्टी को सफलता मिली है उसमें 16 सीटें ऐसे हैं जहां इंडिया गठबंधन की वोट बीएसपी को मिले हैं। जिससे एनडीए प्रत्याशी की जीत आसान हो गई।
इन सीटों पर BSP ने बीजेपी को पहुंचाया फायदा
अकबरपुर, अलीगढ़, अमरोहा, बांसगांव, भदोही, बिजनौर, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेपुर सीकरी, हरदोई, मेरठ, मिर्ज़ापुर, मिश्रिख, फूलपुर, शाहजहांपुर और उन्नाव सीटों पर BSP का फायदा सीधे तौर पर बीजेपी को हुआ तो बिजनौर और मिर्जापुर सीट पर पार्टी के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल (सोनीलाल) को बीएसपी से फायदा हुआ। इन सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा वोट बसपा को मिले।

