उत्तरप्रदेश का गाजियाबाद लोकसभा सीट एक बाद फिर से बीजेपी के खाते में रही। यहां से बीजेपी प्रत्याशी अतुल गर्ग ने बड़े अंतर से कांग्रेस की डॉली शर्मा को 3,36,965 मतों से हराया। अतुल गर्ग ने 8,54,170 मत ,डॉली शर्मा को 5,17,205 वोट और बहुजन समाज पार्टी की नंदकिशोर पुंडीर को 79525 मत मिले थे। इस सीट से मौजूदा सांसद वीके सिंह का टिकट काट कर बीजेपी ने अतुल गर्ग को उम्मीदवार बनाया था। गर्ग को उम्मीदवार बनाने के बाद पार्टी को लेकर क्षेत्र में काफी नाराजगी भी देखने को मिली। इसके बावजूद भी गर्ग जीत गए। इसके पीछे मुख्य रूप से ये कारण रहें।
गाजियाबाद सीट अंतर्गत सभी सीटों पर BJP के विधायक
अतुल गर्ग को पार्टी द्वारा टिकट दिए जाने के बाद भारी नाराजगी थी। जिसके बाद पार्टी के मौजूदा विधायक और मंत्रियों को अतुल को जिताने की जिम्मेदारी दी गई। ऐसे में नाराज मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच गाजियाबाद में अतुल गर्ग की जीत के साथ बीजेपी के विधायक और मंत्री भी परीक्षा में पास हो गए। ज्ञात हो कि गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सभी पांच विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक हैं। ज्ञात हो की सांसद वीके सिंह का टिकट कटने की मुख्य वजह विधायकों की उनसे नाराजगी ही बताई जा रही थी।
विपक्ष की जातीय कार्ड पर राष्ट्रवाद हावी
यूपी के इस गाजियाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा के जीत की हैट्रिक को रोकने के लिए विपक्ष ने जातीय कार्ड खेला लेकिन विपक्ष का यह खेल काम नहीं आया। बसपा ने वीके सिंह का टिकट कटने के कारण क्षत्रिय समाज की नाराजगी का फायदा उठाने के लिए क्षत्रिय समाज से अपना प्रत्याशी बनाया। बीएसपी ने नंद किशोर पुंडीर को चुनाव में उतारा। वहीं इंडिया गठबंधन से यह सीट कांग्रेस के हिस्से में आई जहां से पार्टी ने डॉली शर्मा को उम्मीदवार बनाया। लेकिन दोनों पार्टियों का जातीय कार्ड यहाँ नहीं चला।
वैश्य समाज के प्रत्याशी पर दांव
प्रदेश के इन निर्वाचन क्षेत्र से पिछले तीन बार से लोकसभा सीट पर क्षत्रिय समाज के प्रत्याशी ने जीत हासिल किया है। जिसके बाद संगठन में गुटबाजी और स्थानीय नेता को टिकट देन की मांग के कारण ही भाजपा ने अतुल गर्ग को प्रत्याशी बनाया। जिसके बाद बीजेपी ने पहली बार वैश्य समाज के प्रत्याशी पर दांव खेला और कामयाबी हासिल की।

