दिल्ली के द्वारका इलाके में एक 38 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया है, जिसने अपने पड़ोसी को लूटने के लिए कूरियर एजेंट का भेष धारण किया था। पुलिस ने बताया कि वह नागरिक सुरक्षा विभाग में काम करती थी, लेकिन फिलहाल बेरोजगार थी। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कूरियर बैग, एक खिलौना बंदूक, दस्ताने, दो रस्सियां, एक बैग और अपराध में इस्तेमाल किया गया हेलमेट भी बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार 23 मई को सुबह करीब साढ़े 11 बजे छावला थाने में लूट की कोशिश की शिकायत मिली थी। पीड़िता ने बताया कि जब वह घर पर थी, तो कूरियर एजेंट के वेश में एक व्यक्ति आया और डिलीवरी पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए पेन मांगा। जैसे ही पीड़िता पेन लेने के लिए अपने घर के अंदर गई, आरोपी ने उसका पीछा किया और अचानक उसे पकड़ लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमलावर ने खिलौने वाली पिस्तौल से उस पर कई बार हमला किया, जिससे उसके चेहरे से खून बहने लगा। हमलावर ने अपना चेहरा तौलिए से ढक रखा था, हेलमेट पहना हुआ था और दस्ताने पहने हुए थे। पीड़िता ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे पड़ोसी वहां आ गए, जिससे हमलावर मौके से भाग गया। पुलिस टीम ने संदिग्ध की पहचान के लिए खुफिया जानकारी एकत्र की और सोमेश विहार से छावला तक सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की।
सिविल डिफेंस में काम करती थी महिला
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया, हालांकि 24 मई को पुलिस टीम को सूचना मिली कि अपराधी सोमेश विहार में एक खाली मकान में छिपा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी रेखा को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान रेखा ने बताया कि वह पहले सिविल डिफेंस में काम करती थी, लेकिन अब वह बेरोजगार थी और घर का खर्च और किराया चलाने के लिए संघर्ष कर रही थी। जल्दी से पैसा कमाने के लिए, उसने अपने अमीर पड़ोसी चंद्रकांता, जो दिन में अकेले रहते थे, को लूटने की योजना बनाई। रेखा ने चन्द्रकांता की हत्या करने तथा भारी मात्रा में धन और आभूषण चुराने की योजना बनाई थी।
महिला ने पुलिस के सामने कबूला अपराध
23 मई को रेखा ने कूरियर एजेंट का वेश धारण कर लिया और अपने चेहरे और सिर को कपड़े और हेलमेट से ढक लिया। डीसीपी ने कहा, “वह (रेखा) सुबह करीब 11 बजे चंद्रकांता के घर पहुंची और घंटी बजाई। जब चंद्रकांता ने दरवाजा खोला तो रेखा ने पेन मांगा। जैसे ही चंद्रकांता पेन लेने के लिए उसके घर के अंदर गई, रेखा ने उसका पीछा किया और उस पर हमला कर दिया तथा खिलौने वाली पिस्तौल से कई बार उस पर हमला किया। चन्द्रकांता ने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे रेखा पकड़े जाने के डर से भागने लगी।
अपराध में प्रयुक्त सामान वहीं छोड़ा
डीसीपी ने कहा, इसके बाद रेखा एक खाली घर में छिप गई, पड़ोसी के घर की सीढ़ियों पर अपना भेष बदल लिया और घर लौटने से पहले अपराध में प्रयुक्त सामान वहीं छोड़ दिया। बाद में वह चन्द्रकांता के घर लौटी, लोगों से मिली और संदेह से बचने के लिए घटना के बारे में जानकारी जुटाई। डीसीपी ने कहा, रेखा ने कबूल किया कि उसने अपने अमीर पड़ोसी चंद्रकांता, जो दिन में अकेली रहती थी, को लूटकर अपने घरेलू खर्च चलाने के लिए यह अपराध किया था।

