UP News: भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह जिनको लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी ने कैसरगंज सीट से उम्मीदवार बनाया है, उनके काफिले में शामिल फॉर्च्यूनर कार की टक्कर में दो भाइयों की मौत हो गई है। इस हादसे में रेहान, शहजाद और सीतादेवी घायल हो गए। तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने रेहान और शहजाद को मृत घोषित कर दिया। सीतादेवी को गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। मौतों से गुस्साए ग्रामीणों ने हुजूरपुर मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। फॉर्च्यूनर गाड़ी पर पुलिस एस्कॉर्ट लिखा था। गाड़ी नंदिनी एजुकेशन इंस्टीट्यूट के नाम से पंजीकृत है।
काफिले में शामिल थी गाड़ी
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, करण भूषण सिंह 10-12 गाड़ियों के काफिले के साथ बहराइच की ओर जा रहे थे। उनका काफिला आगे निकल चुका था और पीछे छूटी एस्कॉर्ट गाड़ी उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही थी। छतईपुरवा गांव के पास फॉर्च्यूनर ने बाइक सवार रेहान और शहजाद के साथ ही सड़क पार कर रही सीतादेवी को टक्कर मार दी, जिससे तीनों घायल हो गए।
दोनों चचेरे भाइयों की मौत
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टर ने दोनों चचेरे भाइयों को मृत घोषित कर दिया। छतई पुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा। एसडीएम भारत भार्गव, सीओ सदर विनय सिंह, सीओ कर्नलगंज चंद्रपाल शर्मा और कोतवाल निर्भय नारायण सिंह ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। घटना स्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
रेहान की मां का बयान
रेहान की मां चंदा बेगम ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका बेटा और भतीजा शहजाद कर्नलगंज दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में उन्हें यूपी 32 एचडब्लू 1800 नंबर के वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
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वाहन पर आधिकारिक बयान
यात्री कर अधिकारी शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि यूपी 32 एचडब्लू 1800 नंबर का वाहन आरटीओ कार्यालय में नंदिनी शिक्षण संस्थान के नाम से पंजीकृत है, जिसका पंजीकरण मई 2017 में हुआ था। कर्नलगंज कोतवाल निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
सऊदी अरब से लौटा था शहजाद
शहजाद सऊदी अरब में एक साल गुजारने के बाद मंगलवार शाम को घर लौटा था। वह सुबह अपने चचेरे भाई रेहान के साथ कर्नलगंज दवा लेने जा रहा था। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह वापस नहीं आएगा। मां और परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से गांव के लोग सदमे में हैं और गांव में मातम पसरा हुआ है।

