दिल्ली शराब मामले में अब जांच एजेंसी द्वारा आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया जाएगा। मंगलवार को कोर्ट में हुए सुनवाई के दौरान,प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि वह Liquor Policy Case मामले में आम आदमी पार्टी (आप) को भी आरोपी बनाएगी। जांच एजेंसी ने आप नेता मनीष सिसौदिया द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत को यह बताया।
Liquor Policy Case मामले में जल्द ही दायर होगी नई सप्लीमेंट्री चार्जसीट
मामले को लेकर जांच एजेंसी ने कहा कि अभी तक मामले में 17 गिरफ्तारियां होने के बावजूद 250 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं। इस मामले में अब आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया जाएगा और जल्द ही इसको लेकर सप्लीमेंट्री चार्जसीट दायर की जाएगी।
AAP को सह-अभियुक्त बनाया जाएगा : ईडी
Liquor Policy Case मामले में आप नेता मनीष सिसौदिया द्वारा दायर याचिका मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट में ईडी के वकील ने कोर्ट ने कहा कि मामले में दायर की जाने वाली अगली चार्जशीट में AAP को सह-अभियुक्त बनाया जा रहा है। मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया में देरी करने के लिए आरोपी व्यक्तियों द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
नवंबर 2021 में शुरू की गई उत्पाद शुल्क नीति के तहत, दिल्ली सरकार ने शराब की खुदरा बिक्री से लेकर निजी लाइसेंसधारियों को स्टोर चलाने की अनुमति दे दी। जुलाई 2022 में, दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नीति में घोर उल्लंघनों को उजागर किया और शराब लाइसेंसधारियों को “अनुचित लाभ” देने का आरोप लगाया। उस वर्ष सितंबर में नीति को समाप्त कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि शराब कंपनियां उत्पाद शुल्क नीति तैयार करने में शामिल थीं, जिससे उन्हें 12% का लाभ होता। इसमें कहा गया है कि “साउथ ग्रुप” नामक एक शराब लॉबी ने आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी, जिसका एक हिस्सा लोक सेवकों को दिया गया था। मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने रिश्वत की हेराफेरी का आरोप लगाया है।

