नई दिल्ली। कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी की तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के Chief Minister अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने वाली याचिका पर 10 मई को फैसला आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर अपना आदेश 10 मई को सुनाएगा।
Chief Minister के अंतरिम जमानत पर मंगलवार को हुई सुनवाई
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने मामले में दायर याचिका पर संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, हम शुक्रवार को अंतरिम आदेश (अंतरिम जमानत पर) सुनाएंगे। गिरफ्तारी को चुनौती से संबंधित अन्य मुख्य मामले पर भी उसी दिन सुनवाई की जाएगी। ज्ञात हो मुख्यमंत्री के अंतरिम जमानत पर मंगलवार को सुनवाई हुई थी। जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।
जेल या बेल, 10 मई को इस पर फैसला
मंगलवार को शीर्ष अदालत द्वारा अंतरिम जमानत देने मामले में कोर्ट द्वारा आदेश सुरक्षित रखने के एक दिन बाद आज कोर्ट ने कहा कि अब 10 मई को इस पर फैसला दिया जाएगा। ज्ञात हो कि मंगलवार को शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं गई जिसके बाद शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर वह केजरीवाल को अंतरिम जमानत देती है, तो वह आधिकारिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकते क्योंकि शीर्ष अदालत सरकार के कामकाज में बिल्कुल भी हस्तक्षेप नहीं चाहती है।
आधिकारिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकेंगे Chief Minister
इससे पहले मंगलवार को शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर चुनाव नहीं होते तो उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिलती। मामले में शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के निर्वाचित Chief Minister हैं और मौजूदा लोकसभा चुनाव को देखते हुए मौजूदा परिस्थितियां असाधारण हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने मुख्यमंत्री से कहा कि मान लीजिए कि हम आपको रिहा करते हैं, और आपको चुनाव में भाग लेने की अनुमति दी जाती है। और आप अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करेंगे, इसके व्यापक प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए हम यह स्पष्ट करते हैं, हम नहीं चाहते कि अगर हम आपको रिहा करते हैं तो आप आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करें।

