नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी 7 लोकसभा सीटों पर छठे चरण में चुनाव होने हैं। जिसके लिए चुनाव आयोग द्वारा 29 अप्रैल को ही अधिसूचना जारी कर दी गई। सभी सीटों पर उम्मीदवारी के लिए उम्मीदवारों द्वारा नामांकन किया जा रहा है। जहां एक तरफ बीजेपी, आप, कांग्रेस के उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर रहें है। वहीं इन सीटों पर निर्दलिए उम्मीदवार भी अपना नामांकन भर रहें हैं। खबर मिली है कि राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव के लिए अब तक के पहले तीसरे लिंग के उम्मीदवार ने शुक्रवार को दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना Nomination पत्र दाखिल किया है।
तीसरे लिंग के व्यक्तियों के लिए अलग नागरिक सुविधाओं की मांग
राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव के लिए दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से पहले तीसरे लिंग के उम्मीदवार ने अपना Nomination पत्र दाखिल किया है। उम्मीदवार धोती, टोपी और सोने के आभूषण पहन साकेत स्थित दक्षिणी दिल्ली के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए अकेले पहुंच गया। उम्मीदवार का नाम राजन सिंह है जिसकी उम्र 26 वर्ष है। राजन सिंह ने मीडिया से कहा, मैं लोगों के साथ-साथ तीसरे लिंग के व्यक्तियों के लिए अलग नागरिक सुविधाओं की कमी के कारण होने वाली समस्याओं और उनकी सामाजिक स्वीकृति के लिए लड़ रहा हूं।
बिहार के निवासी हैं राजन सिंह
मूल रूप से बिहार के निवासी राजन सिंह शहर के संगम विहार इलाके में रहते हैं। Nomination दाखिल कर उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं चाहता हूं कि सरकार एक राष्ट्रीय ट्रांस-जेंडर आयोग का गठन करे ताकि हमारी बुनियादी ज़रूरतें और आवश्यकताएं की रक्षा हो सके। इसके साथ साथ सरकारी कार्यालयों और सेवा प्रदाताओं में अलग शौचालय और कतारें हों था नौकरियों और शिक्षा में कम से कम एक प्रतिशत आरक्षण को दिया जाए।
मतदाताओं का ध्यान उनके अधिकारों की ओर आकर्षित करने Nomination किया : सिंह
राजन सिंह ने अपने पास एक लाख रुपये नकद और 200 ग्राम सोना और एक बैंक खाते में 10,000 रुपये से अधिक सहित कुल 15.10 लाख रुपये की चल संपत्ति घोषित की है। वहीं चुनावी हलफनामे में राजन सिंह ने कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की। अपने नामांकन को लेकर राजन सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करना लोगों को तीसरे लिंग की उपस्थिति का एहसास कराने और मतदाताओं का ध्यान उनके अधिकारों की ओर आकर्षित करने का एक प्रयास है।
तीसरे लिंग को सिर्फ कागजात पर मान्यता दी गई है : राजन
उन्होंने कहा कि अगर मैं जीतता हूं, तो मैं तीसरे लिंग के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करूंगा। उन्होंने कहा की पशु के सुरक्षा के लिए पशु कल्याण बोर्ड हैं, लेकिन तीसरे लिंग के लोगों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। तीसरे लिंग को आधिकारिक कागजात पर मान्यता दी गई है, लेकिन उन्हें अभी भी समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस समुदाय से किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल में कोई नेता क्यों नहीं हैं?

