नई दिल्ली। Delhi के स्कूल में बम की धमकी मामले की चल रही जांच के बीच, दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे व्हाट्सएप पर प्रसारित होने वाले किसी भी गलत संदेश या फर्जी खबर पर ध्यान न दें।
संदेशों पर भरोसा ना करें : Delhi पुलिस
Delhi पुलिस ने विशेष रूप से स्कूलों में पाए जाने वाली संदिग्ध वस्तुओं के बारे में अफवाह फैलाने वाले ऑडियो संदेशों का उल्लेख किया, इस बात पर जोर दिया कि ये दावे पूरी तरह से झूठ हैं। व्हाट्सएप और अन्य चैट समूहों पर कुछ ऑडियो संदेश भेजे जा रहे हैं कि कुछ स्कूलों में कुछ संदिग्ध वस्तुएं पाई गईं। ये संदेश झूठे हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। दिल्ली पुलिस ने कहा, मैं सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि इन संदेशों पर भरोसा ना करें और कृपया आगे बताएं कि ये झूठे संदेश हैं।
एक नहीं दो मेल से धमकी भरे ईमेल मिले
दिल्ली के मयूर विहार में मदर मैरी स्कूल को बम की धमकी के संबंध में बुधवार को एक ईमेल मिलने के बाद स्कूल को आज फिर से खोल दिया गया। कल मिली धमकी के बाद स्कूल को खाली करा लिया गया और दिल्ली पुलिस द्वारा स्कूल परिसर की गहन जाँच की गई और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के कुल 131 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले। राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों में से एक, चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल को एक नहीं बल्कि दो धमकी भरे ईमेल मिले।
Delhi पुलिस को जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
बम निरोधक दस्ते की मदद से स्कूल परिसर की दो बार जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, धमकी वाले दोनों ईमेल के बीच समय का ज्यादा अंतर नहीं था। प्रारंभिक ईमेल @mail.ru डोमेन से आया था, जो एक रूसी वेबसाइट से संबद्ध प्रतीत होता है, जबकि दूसरा ईमेल @gmail पते वाले उपयोगकर्ता से आया था। दोनों ईमेल की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।
Delhi पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया कि दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए ईमेल में ‘स्वरायिम’ शब्द शामिल था, जो एक अरबी शब्द है जिसका इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट द्वारा 2014 से इस्लामी प्रचार प्रसार के लिए किया जा रहा है। हालाँकि, गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ईमेल एक धोखा प्रतीत होता है। मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह मेल फर्जी लगता है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक कदम उठा रही हैं।

