Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में टिकट बांटने में सपा प्रमुख अखिलेश यादव काफी कंफ्यूज दिख रहे है. कई सीटों पर टिकट बांटने के बाद बार बार प्रत्याशी बदल रहे हैं. यह इनकी दिख रही हार की हताशा कहे या फिर पार्टी की रणनीति? कई सीटों पर तो प्रत्याशी के नामांकन के बाद भी उम्मीदवार बदल दिए गए. अब एक बार फिर अखिलेश यादव ने कन्नौज से अपना उम्मीदवार बदल दिया है. अब खुद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.
भतीजे का टिकट काटा
बता दें कि वे कल यानी गुरुवार को दोपहर 12 बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इससे पहले सपा ने तेज प्रताप यादव को कन्नौज से अपना उम्मीदवार बनाया था. अब इस सीट से अखिलेश यादव चुनावी मैदान में उतरेंगे. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप यादव को दो दिन पहले ही कन्नौज से टिकट दिया गया था. तेज प्रताप अखिलेश के भतीजे हैं. तेज प्रताप को आज अपना नामांकन दाखिल करना था लेकिन उन्होंने इसे टाल दिया। अब अखिलेश यादव गुरुवार को कन्नौज लोकसभा सीट से अपना पर्चा दाखिल करेंगे.
इससे पहले जब अखिलेश से कन्नौज से चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, ”नामांकन दाखिल होने पर आपको पता चल जाएगा. नामांकन से पहले की आप सभी को जानकारी है. जनता ने अपना मन बना लिया है और इस चुनाव में बीजेपी इतिहास बन जाएगी.” एनडीए को पीडीए हराएगा।”
रामगोपाल यादव ने किया अखिलेश के नाम का ऐलान
सपा महासचिव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने ऐलान किया कि अखिलेश कन्नौज से चुनाव लड़ेंगे. दरअसल, जैसे ही तेज प्रताप यादव की उम्मीदवारी की घोषणा हुई, सपा की स्थानीय इकाई ने इसका विरोध किया. इतना ही नहीं, बल्कि कन्नौज के सपा नेताओं ने अखिलेश से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया था. स्थानीय कार्यकर्ताओं और स्थानीय इकाई के इनपुट को ध्यान में रखते हुए, सपा ने तेज प्रताप की जगह अखिलेश को कन्नौज से मैदान में उतारने का फैसला किया है।
अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कन्नौज से बीजेपी उम्मीदवार सुब्रत पाठक ने कहा, “अखिलेश यादव की पार्टी उनकी जेब में है. वह किसी को भी टिकट दे सकते हैं और किसी का भी टिकट काट सकते हैं. मैं अखिलेश यादव को एक ही सलाह दूंगा कि उन्हें ऐसा करना चाहिए.” खुद यहां से चुनाव लड़ें ताकि बराबर की लड़ाई हो, अगर कोई और लड़ेगा तो उसकी जमानत जब्त हो जाएगी।”

