नई दिल्ली। Delhi के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक खुला खुला पत्र लिखा। उपराज्यपाल के पत्र में राष्ट्रीय राजधानी की गरीब बस्तियों में पानी की कमी को दर्शाया गया। LG के अनुसार यह कमी पिछले एक दशक में बढ़ी है।
मंत्री के पत्र में अपनी सरकार की ही खामियां
अपने पत्र में उपराज्यपाल ने दिल्ली की जल संसाधन मंत्री आतिशी पर निशाना साधते हुए उन पर पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में एक महिला की हत्या का इस्तेमाल ‘संकीर्ण और पक्षपातपूर्ण राजनीतिक लक्ष्यों’ के लिए करने का आरोप लगाया। LG ने पिछले दिनों आतिशी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि आतिशी ने पत्र में पानी की अपर्याप्त आपूर्ति को रेखांकित करते हुए 09 साल से अधिक की अपनी ही सरकार को ही दोषी ठहराया है। उनका पत्र वास्तव में दिल्ली सरकार की अपराध, निष्क्रियता और अपराध का स्वीकारनाम है।
अपनी विफलताओं के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराना Delhiके मंत्रियों की आदत : LG
उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वित्त और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों पर हमला करने के लिए आतिशी की आलोचना की। उन्होंने कहा किसरकार के मंत्रियों की अपनी विफलताओं के लिए अधिकारियों को दोषी ठहराना लगभग आदत बन गई है। सरकार के मंत्री हर दूसरे दिन स्वास्थ्य, अस्पताल, स्वच्छता, शिक्षा या जल आपूर्ति के क्षेत्र अपने कमी को लेकर अधिकारियों पर हमला करते हैं, यह उनकी आदत हो गई हैं।
Delhi में दिन प्रति दिन घट रही पानी की आपूर्ति
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आतिशी द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला दिया। जिसमें कहा गया था कि पिछले 10 वर्षों में, जल उपचार क्षमता 906 एमजीडी से बढ़कर 946 एमजीडी हो गई है, जो कि बमुश्किल 4.4 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी अवधि के दौरान, शहर की जनसंख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जल आपूर्ति में कुल कमी लगभग 290 एमजीडी है। आपूर्ति किए जा रहे कुल पानी में से 120 एमजीडी भूजल निष्कर्षण से आता है, जो कि एक घोर अतिशयोक्ति है।
Delhi के 2.5 करोड़ लोगों में से दो करोड़ से अधिक लोग पानी से वंचित : उपराज्यपाल
अपने पत्र में एलजी ने बताया कि ‘बेहिसाब पानी’ का प्रतिशत, जो ट्रांसमिशन और वितरण घाटे, पानी की चोरी और बकाया भुगतान न करने के माध्यम से पानी के रिसाव में 45 प्रतिशत से तेज वृद्धि देखी गई। 2015 से 2022-2023 तक यह बढ़ोतरी 58 प्रतिशत है। उपराज्यपाल ने बताया कि शहर के 2.5 करोड़ लोगों में से दो करोड़ से अधिक लोग खासकर अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों और कुछ हद तक संगठित विकसित कॉलोनियों में अलग-अलग स्तर पर पीने के पानी की आपूर्ति से वंचित हैं।

