नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली पानी की आपूर्ति में कथित कमी को लेकर हुई झड़प में एक महिला की जान चली गई। जिसके बाद आप नेता और दिल्ली की मंत्री आतिशी ने रविवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना को चिठ्ठी लिख राष्ट्रीय राजधानी में जल आपूर्ति संबंधी चिंताओं पर ध्यान देने का भी अनुरोध किया और समस्या से निजात की मांग की। उन्होंने में पूर्वी दिल्ली की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए LG से Delhi Water Board के सीईओ को 24 घंटे के भीतर तुरंत निलंबित करने की मांग भी की।
चिठ्ठी लिख राष्ट्रीय राजधानी में जल आपूर्ति संबंधी चिंताओं पर ध्यान देने का अनुरोध किया
14 अप्रैल को दिल्ली के उप राज्यपाल को लिखे पत्र में आतिशी ने कहा कि पूर्वी दिल्ली के फर्श बाजार भीकम सिंह कॉलोनी इलाके में एक चौंकाने वाली घटना घटी है, जहां पानी की आपूर्ति की कमी के कारण हिंसा हुई और एक महिला की मौत हो गई। इससे पहले एक वर्ष में, मुख्यमंत्री अरविंद केजरिवाल ने दिल्ली में जल आपूर्ति में सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश और एक रोड मैप दिया था। पिछले 6 महीनों से सरकार ने जल आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ और मुख्य सचिव को बार-बार निर्देश दिए। ताकि गर्मी शुरू होने पर पानी की कमी न हो। लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद, शहर में जल संकट को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
आदर्श आचार संहिता के कारण दिल्ली में जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं देने की बात
दिल्ली सरकार की जल मंत्री ने दावा किया कि पिछले कुछ हफ्तों में, Delhi Water Board के सीईओ और मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने के लिए कई अनुस्मारक जारी किए गए थे कि शहर में ट्यूबवेल और पानी के टैंकरों की स्थापना के माध्यम से पानी की आपूर्ति बढ़ाई जाए। पानी की कमी से संबंधित शिकायतें नियमित रूप से मुख्य सचिव को व्हाट्सएप पर भी भेजी जाती रही हैं। लेकिन हाल ही में 3 अप्रैल, 2024 को गर्मियों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिए गए थे और मैंने कदमों पर कार्रवाई-रिपोर्ट मांगी थी, जिस पर 4 अप्रैल 2024 को Delhi Water Board के सीईओ ने मुझे एक नोट भेजने का दुस्साहस किया, जिसमें कहा गया था कि आदर्श आचार संहिता के कारण मुझे दिल्ली में जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाएगी।
Delhi Water Board की निष्क्रियता के कारण महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी
मंत्री ने एलजी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि यह Delhi Water Board के अधिकारियों की संवेदनहीन निष्क्रियता थी जिसके कारण पानी की कमी को लेकर हुई झड़प में महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह निष्क्रियता आपराधिक लापरवाही के समान है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इस अपराध के लिए डीजेबी के उच्चतम स्तर के अधिकारियों के खिलाफ तत्काल और अनुकरणीय कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि न केवल दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा निष्क्रियता बरती गई है,बल्कि वित्त वर्ष 2023-24 में दिल्ली जल बोर्ड के फंड को रोकने की एक ठोस साजिश भी की गई है।

