Mukhtar Ansari Death : बांदा जेल में बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। बांदा स्थित मेडिकल कॉलेज ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. मऊ, गाज़ीपुर और बांदा जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। अंसारी की मौत से सियासी बवाल शुरू हो गया है. पूर्व विधायक के निधन को लेकर बसपा, राजद, कांग्रेस, सपा और एआईएमआईएम समेत विभिन्न दलों ने सवाल उठाए हैं। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती, राजद के तेजस्वी यादव और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्तार की मौत को दुखद और अफसोसजनक बताया है.
क्या है मामला :
दो दिन पहले मुख्तार की तबीयत खराब होने पर उन्हें जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था, इस दौरान उनके भाई अफजल और बेटे उमर अब्बास ने उनकी मौत पर चिंता जताई थी और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. अफजल ने यहां तक कह दिया कि उसके भाई को जेल में जहर दिया जा रहा है। 63 वर्षीय अंसारी मऊ सदर से पांच बार विधायक रहे थे और 2005 से उत्तर प्रदेश और पंजाब में जेल में बंद थे। मुख्तार के उपर 60 से अधिक आपराधिक मामलें लंबित थे।
उच्चस्तरीय जांच जरूरी : मायावती
मायावती ने कहा, “जेल में अंसारी की मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा लगातार जताई जा रही चिंताओं और गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है ताकि उनकी मौत के बारे में सही तथ्य सामने आ सकें। उनके परिवार का व्याकुल होना स्वाभाविक है। कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।”
सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, ”सभी के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और कर्तव्य है. किसी भी स्थिति में, किसी कैदी या बंदी की मौत से लोगों का न्यायिक प्रक्रिया से भरोसा खत्म हो जाएगा.”
उन्होंने आगे कहा, ”ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में, जैसे थाने में हिरासत के दौरान, जेल के अंदर बीमारी, कोर्ट ले जाना, अस्पताल ले जाना, इलाज कराना, झूठा झगड़ा दिखाना, झूठी आत्महत्या दिखाना, किसी दुर्घटना में चोट दिखाना आदि की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए.”
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अखिलेश यादव ने आगे कहा, “सरकारों के लिए न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी करना और अन्य तरीकों का सहारा लेना पूरी तरह से अवैध है। जो कोई भी सत्ता में रहकर जीवन की रक्षा करने में विफल रहता है उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उत्तर प्रदेश ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।” यूपी में कानून-व्यवस्था के लिए यह जीरो पीरियड है।”
तेजस्वी यादव ने जताया दुख
राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्तार अंसारी के मौत पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, ”हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें.” तेजस्वी यादव ने आगे कहा, ”कुछ दिन पहले उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें जेल में जहर दिया जा रहा है, फिर भी उनके आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया गया. शुरुआती तौर पर यह न तो उचित लगता है और न ही मानवीय. संवैधानिक संस्थाओं को ऐसी विचित्र घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए.”
गाजीपुरवासियों ने अपना बेटा खोया: AIMIM प्रमुख
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अंसारी के भाई द्वारा लगाए गए आरोपों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “गाजीपुर के लोगों ने अपना चहेता बेटा और भाई खो दिया है. मुख्तार ने प्रशासन पर जहर देने का आरोप लगाया था. इसके बावजूद उनके इलाज पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. यह वाकई अफसोसजनक है.”
कानून, संविधान और नैसर्गिक न्याय को दफनाने जैसा: पप्पू यादव
हाल ही में बिहार से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद पप्पू यादव ने मुख्तार की मौत को ‘संस्थागत हत्या’ बताया और मामले की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की. उन्होंने कहा, ”पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की संस्थागत हत्या. यह कानून, संविधान और नैसर्गिक न्याय को दफनाने जैसा है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को इसका संज्ञान लेना चाहिए! उनके निर्देश पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए!” मुख्तार आरोप लगाते रहे हैं कई दिनों तक उन्हें जहर दिया जा रहा था। उनके सांसद भाई ने भी यह आरोप लगाया था। देश की संवैधानिक व्यवस्था पर एक धब्बा!”

