UP Police Bharti 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा मामले में अब योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा ने एक जांच कमेटी गठित की है. एडीजी अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया गया है. कमेटी पेपर लीक, पेपर में प्रिंटिंग की गड़बड़ी, पेपर देर से आने और सनी लियोनी के एडमिट कार्ड मामले की शिकायतों की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट में मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा ने कहा है कि उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सभी मुद्दों को ध्यान में रखा जा रहा है और इसलिए बोर्ड ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया है। बोर्ड ने पहले ही यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक की खबर को फर्जी माना था. हालांकि इन सभी मामलों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है ताकि सच्चाई सामने आ सके.
यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप में कुल 244 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. 15 फरवरी से 18 फरवरी तक राज्य के कई जिलों से कुल 244 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. ये गिरफ्तारियां पेपर लीक की कोशिश, धोखाधड़ी और फ्रॉड से जुड़े मामलों में की गईं। जिला पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर ये गिरफ्तारियां कीं. गिरफ्तार संदिग्धों में उम्मीदवार, सॉल्वर और बिचौलिए शामिल हैं।
राज्य के कई जिलों में अभ्यर्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन दर्ज
पुलिस परीक्षा के अभ्यर्थियों ने राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया और पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग की. बागपत में अभ्यर्थियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर दोनों दिन और दोनों पालियों में यूपी पुलिस का पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अभ्यर्थियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पेपर निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।
एटा में भी छात्रों ने पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने का आरोप लगाया और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया. उन्होंने धरना स्थल से लेकर कलक्ट्रेट तक जोरदार प्रदर्शन भी किया। छात्रों का आरोप है कि जिन लोगों ने कड़ी मेहनत की है उनके साथ गलत व्यवहार किया गया है. सैकड़ों लोग धरना स्थल पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

