Ghaziabad : गाजियाबाद जिले में आए दिन हजारों की संख्या में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में वे बच्चे भी शामिल हैं जो प्रभावित हुए हैं। पिछले आठ माह में कुत्ते के काटने से एक बच्चे की जान भी जा चुकी है। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग कुत्तों की नसबंदी के लिए समय-समय पर कार्यक्रम चलाता है, लेकिन कुत्तों की संख्या कम होती नहीं दिख रही है। वहीं दूसरी ओर कुत्ते प्रेमी कुत्तों के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई के विरोध में हमेशा खड़े रहते हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
हाल के दिनों में ढाई साल का मासूम बच्चा गाजियाबाद (Ghaziabad) की सोसायटी के पार्क में खेल रहा था। अचानक कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और काटकर घायल कर दिया। पार्क में घूम रहा एक शख्स बच्चे को बचाने आया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े चिंताजनक हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में गाजियाबाद जिले में कुत्ते के काटने के 44,455 मामले सामने आए हैं, जिनमें कुत्ते, बिल्ली और बंदरों द्वारा काटने की घटनाएं शामिल हैं। इन सभी मामलों में 90 फीसदी घटनाएं कुत्ते के काटने से जुड़ी होती हैं।
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देखा जाए तो हर महीने लगभग 6,000 लोगों को कुत्ते, बंदर और बिल्ली काट रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में 342 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन की खुराक दी गई, जबकि संयुक्त अस्पताल में 229 लोगों को एआरवी की खुराक दी गई। इस बीच चारों सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर 113 लोगों को एआरवी की खुराक दी गई।

