Pariksha Pe Charcha : जल्द ही परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं ऐसे में परीक्षा शुरू होने से पहले और परीक्षाओं के दौरान बच्चों पर काफी प्रेशर होता है साथ ही उनके अभिभावक भी काफी तनाव में रहते हैं, बच्चों और अभिभावकों के परीक्षा तनाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में परीक्षा पर चर्चा का आज 7वां एपीसोड किया और बच्चों को परीक्षाओं के लिए मोटिवेट किया।
संतुलित आहार, पर्याप्त नींद , नियमित व्यायाम का प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को दिया मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में कई छात्रों ने परीक्षा में होने वाले तनाव को लेकर सवाल किए और पीएम ने बेहद ही सरल और बखूबी तरीके से बच्चों की दुविधा का उत्तर दिया। पीएम ने कहा परीक्षा के तनाव में बच्चे स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते हैं परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान संतुलित आहार छात्रों के लेना चाहिए जिससे शरीर में एनर्जी बनी रहेगी, साथ ही छात्र को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने अभिभावकों को भी सलाह दी की प्रतिस्पर्धा की होड़ में अपने बच्चों को दूसरे बच्चों से तुलना ना करें, पीएम ने कहा कि परीक्षा से पहले बच्चों के मॉडल पेपर हल करने का अभ्यास करना चाहिए और आकलन करना चाहिए कि किस प्रकार से पूरा पेपर समय पर हल किया जा सकता है नियमित इसके अभ्यास से परीक्षा में होने वाला तनाव खुद कम हो जाएगा। अच्छा संगीत बच्चों को परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान थोड़ी देर सुनना चाहिए जिससे तनाव कम हो क्योंकि संगीत एक थेरेपी है।
अपने बच्चे के रिपोर्ट कार्ड को अभिभावक अपना विजिटिंग कार्ड न मानें: प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि टीचर का काम जॉब करना नहीं छात्रों की जिंदगी सवांरना है। टीचर बच्चों के साथ समानता रखें, प्रधानमंत्री ने बच्चों को परीक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि परिस्थितियों से जीतने का संकल्प लें, हर चीज के लिए खुद को तैयार रखें’ ‘प्रेशर को खुद पर हावी नहीं होने दें, चुनौतियों के बिना जीवन प्रेरणाहीन है, दोस्तों से द्वेष भावना ना रखकर आपस में पढाई जरूर करनी चाहिए इससे कन्फ्यूजन हल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा छात्रों को अपने अभिभावकों से बातचीत करनी चाहिए जिससे उनको तनाव महसूस नहीं होगा।

