Ghaziabad News : कल्कि पीठाधीश्वर व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस बेबाकी के लिए कांग्रेस ही नहीं, दूसरी पार्टियों के लोग व राजनीति विशेषज्ञ भी कायल है। हालांकि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता इसके लिए उनसे बचते भी हैं।
सही व गलत को कहने से गुरेज नहीं करते आचार्य प्रमोद कृष्णम
जहां कांग्रेस पार्टी हमेशा ही केंद्र पर हमलावर रहती है, वहीं आचार्य प्रमोद कृष्णम सही व गलत को कहने से गुरेज नहीं करते। भाजपा द्वारा लिए गए अच्छे फैसलों की वे सराहना करते नजर आते हैं, तो गलत नीतियों पर विरोध भी जताते हैं। वह हमेशा ही ऐसे विरोधियों का भी मुंह बंद करने का काम करते हैं, जो सनातन व देश के खिलाफ बोलते हैं, अक्सर देश की न्याय व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगाते हैं। ऐसे को वह करारा जवाब देखर उनकी जुबान बंद कर देते हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम के हर धर्म, हर वर्ग के लोग उनके समर्थक
आचार्य प्रमोद कृष्णम की खास बात यह है कि वह सभी धर्मों के लोगों के प्रिय हैं। हर धर्म, हर वर्ग के लोग उनके समर्थक हैं। वर्तमान में वह राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को लेकर हमला करने वाले राजनीतिक लोगों को करारा जवाब दे रहे हैं। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से उन्होंने सपा सुप्रीमो से लेकर अन्य राजनीति नेताओं को इस मुद्दे पर सटीक जवाब दिए हैं। सोशल मीडिया पर उनके दिए हुए जवाब जमकर वायरल हो रहे हैं। इसपर लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा- राम सबके हैं
कल्कि पीठाधीश्वर व कांग्रेसी नेता प्रमोद कृष्णम का कहना है कि राम सबके हैं, सब राम के हैं। इस भारतवर्ष में जो भी पैदा हुआ वह राम का है। अगर कोई राम का विरोध करता है तो वह असुर है। हर काल में असुरों ने ही धर्म का विरोध किया है उन्होंने कहा कि हमेशा से ही धर्म-अर्धम, अंधेरे-उजियारे, सत्य व असत्य की लड़ाई रही है। हमारे देश में कुछ आसुरी शक्तियां हैं जो राम का विरोध कर रहे है। ऐसे शक्तियों के विरोध से न तो पहले कुछ हुआ है और न ही आगे भी कुछ होना है उन्होंने कहा कि ये वो लोग है जो हमेशा ही आमजन में गलत बात फैलाने की कोशिश करते है। लेकिन कभी भी सफल नहीं हो पाते। या कह सकते है कि ये कभी पॉजिटिव सोच ही नहीं रख सकते।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बिलकिस बानो पर आए फैसले का किया स्वागत
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस दौरान बिलकिस बानो पर आए फैसले का स्वागत किया उन्होंने कहा कि इस फैसले से साफ है कि देश की न्यायपालिका किसी के दवाब में काम नहीं करती उन्होंने कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन लोगों की सोच पर विरोध जताते है जो राम मंदिर फैसले में सुप्रीम कोर्ट पर दवाब की बात करते हैं और बिलकिस बानो मामले में कोर्ट का स्वागत करते हैं। इन्ही सब मुद्दों पर हमारे संवाददाता ने कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम से विस्तृत बातचीत की।
1.प्रश्न :- आपको 22 जनवरी को होने वाली राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है, इस पर आपका क्या कहना है?
उत्तर:- राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलना परम सौभागय की बात है। मैं इसके लिए राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट का आभार व्यक्त करता हूं। अगर निमंत्रण नहीं भी मिलता तो भी मैं अयोध्या जाता लेकिन फिर 22 जनवरी के बाद जाता। मेरा मानना है कि जिन्हें निमंत्रण नहीं मिला है उन्हें भी 22 जनवरी के बाद अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन अवश्य करने चाहिए।
2.प्रश्न:- राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख के ऐलान व निमंत्रण को लेकर काफी नेता उल्टी-सीधी बयानबाजी कर रहे हैं?
उत्तर:- देखिए राम सबके हैं और सब राम के हैं। इस भारत वर्ष में जो भी पैदा हुआ है वह राम का है। अगर कोई राम का भी विरोध करेगा तो वह असुर है। मेरा मानना है कि जिन्हें निमंत्रण मिला वो ठीक है, लेकिन भगवान के दर पर जाने के लिए किसी को निमंत्रण की जरूरत नहीं होती। जिन्हें राम में आस्था है वे रामलला के दर्शन करने जरूर जाएंगे, चाहे 22 जनवरी के बाद जाए।
3.प्रश्न:-विपक्षी दल भाजपा पर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को कैप्चर करने का आरोप लगा रहे है?
उत्तर:- निमंत्रण से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर आपके मन में राम है तो आप रामलला के दर्शन करने अवश्य जाएंगे, चाहे आप 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद जाएं। यह आरोप लगाना सही नहीं है। मैने पहले भी बताया है, हम सब राम के है और राम हम सबके है।
4.प्रश्न:- स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामायण व सनातन को लेकर काफी विवादित बयान दिए हैं, इसपर आपका क्या कहना है?
उत्तर:- देखिए राम भारत की आत्मा है, राम के बिना भारत की कल्पना भी नहीं कि जा सकती। भारत में ही नहीं पूरे विश्व में राम को मानने वाले हैं। भगवान राम के जीवन से हमें काफी प्रेरणा मिलती है। भगवान राम त्याग व मर्यादा के प्रतिक हैं। रामायण से हमें काफी कुछ सिखने को मिलता है। स्वामी प्रसाद मौर्य को किसी चीज का ज्ञान नहीं हैं। अखिलेश यादव को यह समझना होगा, जब तक स्वामी प्रसाद मौर्य सपा में हैं, तब तक पार्टी का कुछ नहीं हो सकता।
5.प्रश्न:- लोस चुनाव के लिए गंठबंधन की बात चल रही है, अगर सपा कांग्रेस गठबंधन होता है तो इसपर आपका क्या कहना है?
उत्तर:- देखिए समावादी पार्टी के सर पर राम भक्तों के ऊपर गोली चलवाने की पाप गठरी है। अगर कांग्रेस व सपा का गठबंधन होता है तो इसकी सजा हमें भी मिलेगी। इसलिए मैं चाहूंगा की कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लडेÞ। मुझे उम्मीद है, इसका रिजल्ट काफी अच्छा आएगा और हमारी पार्टी भी जमीनी स्तर पर काफी मजबूत होगी।
6.प्रश्न:-बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है, क्या कहेंगे?
उत्तर:- सुपी्रम कोर्ट पर मुझे पूरा भरोसा है। बिलकिस बानो मामले में एक बार फिर यह साफ हो गया कि न्याय पालिका किसी के दबाव में काम नहीं करती। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। मैं ओवैसी से कहना चाहूंगा की न्याय पालिका का सम्मान करे। जिन्होंने एक दो मामले में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट दबाव में काम कर रहा है, अब वे इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।
7.प्रश्न:-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय यूपी जोड़ो यात्रा कर रहे हैं, इस पर आप का क्या कहना है?
उत्तर:-देखिए, आमजन से जुड़ने के लिए आपको जमीन पर उतरना होगा। जनता के बीत जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा। उनकी समस्या के निस्तारण के लिए आवाज उठानी होगी। इस लिहाज से यह यात्रा काफी अच्छी है। यह राजनीति में करना जरूरी है। इसके लिए मैं अजय राय को शुभकामनाएं देता हूं। निश्चित ही इस कदम से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी।
8.प्रश्न:-भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकालने जा रहे हैं, आपको क्या कहना है?
उत्तर:- जब राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा शुरू की थी और उसके समापन के समय तक उनकी छवि एकदम निखर कर आई थी। एक राजनेता का कर्तव्य है कि वह जनता के बीच जाएं, आमजन की परेशानियों से रूबरू हों, उनसे मिलें, उन्हें अपनेपन का एहसास कराएं। राहुल एक बार फिर न्याय यात्रा निकालने जा रहे हैं इससे कांग्रेस पार्टी देशभर में जमीनी स्तर पर काफी मजबूत होगी।
9.प्रश्न:-आपकी बेबाक बयानबाजी को देखते हुए आपकी भाजपा में एंट्री को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं?
उत्तर:- अभी तक मेरी मुलाकात भाजपा के किसी बड़े नेता से नहीं हुई है। अब जो राजनीतिज्ञ ऐसा सोच रहे है वो किस आधार पर यह सोच रहे हैं, मुझे नहीं पता। हां राजनीति में संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन अभी फिलहाल ऐसा कुछ है नहीं। मैं सही को सही और गलत को गलत कहना पसंद करता हू। अगर मुझे कुछ गलत लग रहा है, मैं इसके खिलाफ आवाज न उठाऊं तो वह गलत होगा।

