Bajrang Punia: गुरुवार (21 दिसंबर) को भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव के बाद शुक्रवार (22 दिसंबर) को दिग्गज पहलवान बजरंग पुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर घोषणा की कि वह अपना पद्मश्री पुरस्कार लौटा रहे हैं। भारतीय पहलवान और ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया ने पीएम मोदी को एक लंबा पत्र लिखा, जिसमें कहा कि उनकी मांगें नहीं सुनी जाने के कारण उन्होंने पद्म श्री पुरस्कार लौटाने का फैसला किया है। बजरंग पुनिया ने कहा कि वे बहनों और बेटियों के अधिकारों के लिए लड़ रहे थे, लेकिन वह उन्हें वह सम्मान नहीं दिला सके जिसके वे हकदार थे, इसलिए उन्होंने अपना पदक गेट पर छोड़ने का फैसला किया।
पिछले 11 महीने से पहलवान कर रहें विरोध
दरअसल, भारतीय पहलवानों का एक गुट इस साल की शुरुआत से ही बृजभूषण शरण सिंह, जो उस वक्त में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष थे, के मनमाने और निरंकुश व्यवहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है. बृजभूषण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का भी आरोप है. बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी सांसद हैं और लंबे समय तक भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रहे हैं.
पहलवानों के लंबे विरोध और महिला पहलवानों की शिकायतों पर केंद्र सरकार की ओर से ध्यान न दिए जाने के बाद हाल ही में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने भी कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. बता दें कि नियुक्त किये गये नये अध्यक्ष भी बृजभूषण शरण सिंह के ही करीबी हैं. ऐसे में पिछले 11 महीने से पहलवानों का विरोध पूरी तरह से बेअसर है. यही वजह है कि बजरंग पुनिया ने अपना मेडल लौटाने का ऐलान किया है.
खेल मंत्रालय ने कहा यह उनका निजी फैसला
विरोध प्रदर्शन पूरी तरह बेनतीजा रहने और केंद्र सरकार द्वारा महिला पहलवानों की शिकायतों पर कोई ध्यान न दिए जाने के बाद बीते दिन ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने भी कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट कर रहे थे. जनवरी से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में अब तक काफी कुछ हो चुका है.
बता दें कि बजरंग पुनिया के पद्मश्री अवॉर्ड लौटाने के फैसले पर खेल मंत्रालय ने कहा है कि यह उनका (पुनिया का) निजी फैसला है. सूत्रों के मुताबिक, खेल मंत्रालय ने कहा है कि कुश्ती महासंघ का चुनाव निष्पक्ष और लोकतांत्रिक था. खेल मंत्रालय ने कहा है, ”हम अभी भी कोशिश करेंगे कि बजरंग पुनिया पद्मश्री लौटाने के अपने फैसले को बदल दें.”

