Noida News: एनटीपीसी दादरी के क्षेत्र के 24 गांवों के किसान के परिवारों की महिला, पुरुष और बच्चे सभी एक समान मुआवजा, नौकरी और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एनटीपीसी के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है. आज सैकड़ों किसान एनटीपीसी के खिलाफ सड़akuschuhe legioiedigea diegodallapalmaoutlet guardianialberto gioie-di-gea lecosonnenschirm legioiedigea guardianialberto kleankanteenkinder akutrekkingshop diego-dalla-palma coralbluescarpe scarpeovye capsvondutch diego-dalla-palma कों पर उतरे, सेक्टर 24 में स्थित एनटीपीसी भवन का घेराव कर नारेबाजी की। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए एनटीपीसी भवन के सामने से गुजर रही सड़क को छावनी में तब्दील कर ट्रैफिक को भी ड्राइवर्ट किया, लेकिन किसान अपनी मांगो को लेकर डटे हुए है.
एनटीपीसी भवन का घेराव कर नारेबाजी करे किसान महिला, पुरुष और बच्चे एनटीपीसी दादरी के क्षेत्र के 24 गांवों के किसान के परिवारों से जिनकी जमीन एनटीपीसी के प्लांट को बनाने के लिए अधिग्रहित की गई थी. इन किसानों का आरोप है, कि एनटीपीसी के प्लांट बनने समय वादा किया गया था. कि यहां क्षेत्रीय युवाओं को नौकरी में तवज्जो दी जाएगी. बच्चों की पढ़ाई के लिए अच्छे स्कूल, अस्पताल खोले जाएंगे, सामुदायिक भवन बनेंगे. ऐसा कुछ नहीं हुआ.
30 साल में एक भी वादा पूरा नहीं किया
30 साल में एक भी वादा पूरा नहीं किया गया. किसानों के नाराजगी का एक कारण ये भी है कि एनटीपीसी में करीब 24 गांवों की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1986 में किया था। जिसके लिए एनटीपीसी ने किसानों को 6 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा दिया था,तो वहीं इस वित्तीय वर्ष में कुछ किसानों को 120 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा दिया गया था।दोनों मुआवजे की दर में बहुत अंतर होने के चलते किसान आंदोलन करने को मजबूर हो गए। भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष की अगुआई सुखबीर पहलवान ने का कहना है कि किसान एक समान मुआवजा दर की मांग कर रहे हैं। इसके साथ प्रभावित किसानों के परिवार से एक जने को एनटीपीसी में नौकरी दी जाए और अन्य सुविधाएं भी दी जाएं। जिसको लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
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