बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक का 11.56 किमी का मेट्रो (Metro) कोरिडोर बनाया जाएगा। इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) डीएमआरसी ने नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन को दे दी है। ये रूट पांच साल में बनकर तैयार होगा। रोजाना करीब 1 से 1.25 लाख लोग इस लिंक लाइन का प्रयोग करेंगे। वो इसलिए क्योंकि इस रूट के संचालन के साथ बोटेनिकल गार्डन मेट्रो नोएडा, ग्रेटरनोएडा का सबसे बड़ा इंटरचेंज हो जाएगा। यहां से दिल्ली के द्वारका से नोएडा के सेक्टर-62 तक चलने वाली ब्लू लाइन और बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी तक जाने वाली मेजेंट लाइन है। नया लिंक बनने से दोनों के मुसाफिर जिनको नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे के सेक्टर , आफिस या ग्रेटरनोएडा जाना है इस लाइन का प्रयोग करेंगे। इसके निर्माण में करीब 2254.35 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
नए प्लेटफार्म जाएंगे बनाए बोटेनिकल गार्डन मेट्रो को करेंगे कनेक्ट
इस लाइन की डीपीआर के मुताबिक एक नया प्लेटफार्म या सेक्शन बनाया जाएगा जो बोटेनिकल गार्डन मेट्रो को कनेक्ट करेगा। ये लाइन एक्वा लाइन होगी। इसलिए इसका ट्रैक भी डीएमआरसी के ट्रैक से अलग होगा। संभवता बोटेनिकल गार्डन में इस सेक्शन को बनाया जाए और एंट्री और एक्जिट पाइंट बोटेनिकल गार्डन मेट्रो (Metro) स्टेशन से दिया जाए। क्योंकि इस नए लिंक के लिए अलग से टोकन काउंटर बनाए जाएंगे। नोएडा मेट्रो के एमडी लोकेश एम ने बताया कि डीएमआरसी ने फाइनल डीपीआर सब्मिट कर दी है। इसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। यहां अनुमोदन के बाद शासन को भेजा जाएगा। अप्रूव होन के बाद रेलवे सेफ्टी और केंद्र सरकार के पास डीपीआर जाएगी। बता दे इस काम में करीब एक साल का समय लग सकता है। इसके बाद ही मेट्रो निर्माण के लिए कंपनी को हायर किया जाएगा। ये प्रक्रिया भी टेंडर पर आधारित होगी।
मेट्रो कॉरिडोर पर आठ स्टेशन होंगे
इस मेट्रो (Metro) कॉरिडोर पर बोटेनिकल गार्डन, नोएडा सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस, नोएडा सेक्टर-97, नोएडा सेक्टर-105, नोएडा सेक्टर-108, नोएडा सेक्टर-93, और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन बनाए जाएंगे। कॉरिडोर का आखिरी स्टेशन सेक्टर-142 होगा जो कि पहले ही बनकर तैयार है। ये कारिडोर एक्सप्रेस वे के बाय ओर से जाएगा। दाय सेक्टरों को जोड़ने के लिए एफओबी बनाया जाएगा। ये एफओबी एक्सप्रेस वे पर बनेंगे जो सीधे मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एक्जिट पाइंट पर आकर जुड़ जाएंगे।
मेट्रो स्टेशनों के आसपास होगी पार्किंग
योजना के मुताबिक मेट्रो (Metro) स्टेशनों और आसपास पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि यहां आने वाले लोगों को वाहन पार्किंग की सहूलियत मिल सके। एक्वा लाइन कॉरिडोर की गलतियों से सबक लेते हुए इसमें सुधार आदि किया जाएगा। कोशिश यह होगी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्किंग की सुविधा मिल सके।
वर्तमान में एनएमआरसी और डीएमआरसी का संचालन
वर्तमान में नोएडा और ग्रेटरनोएडा एक्वा लाइन (Metro) से कनेक्ट है। ये लाइन सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटरनोएडा डिपो तक है। ये पूरा ट्रैक 29 किमी का है। ये डीएमआरसी के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के ब्लू लाइन को जोड़ता है। मुसाफिरों को इस इंटरचेंज के लिए करीब 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। नए लिंक बनने से ऐसा नहीं होगा। वहीं डीएमआरसी की नोएडा में दो लाइन है। पहला ब्लू जो दिल्ली के द्वारका से नोएडा के सेक्टर-62 और मजेंटा लाइन नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी तक है।
नोएडा एयरपोर्ट को मिलेगा बेहतर नेटवर्क
मजेंट लाइन (Metro) दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट लाइन को जोड़ता है। एक्ववा का नया लिंक बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक जाएगा। यही एक्वा आगे नॉलेज पार्क-2 को जोड़ती है। जिससे नोएडा एयरपोर्ट के लिए लिंग बनेगा। ऐसे में मुसाफिर सीधे एयरपोर्ट जा सकता है।

