नोएडा कमिश्नरेट सिस्टम शुरू होने के तीसरे साल में 2022 तक गौतमबुद्धनगर में कुल अपराधों में कमी दर्ज की गई है। (Noida Total Crime Decrease) एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के वर्ष 2022 के जारी आंकड़े बताते हैं कि इनमें वर्ष 2021 की तुलना में 4445 एफआईआर कम हुई हैं। वहीं महिला अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2021 की तुलना में महिला अपराध के 58 मामले अधिक सामने आए हैं।
महिला अपराध मामले में नोएडा पुलिस बैकफुट पर
वर्ष 2020 के जनवरी माह में गौतमबुद्घनगर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की शुरुआत की गई थी। कमिश्नरेट बनने के पहले साल लॉकडाउन होने के कारण अपराध का ग्राफ काफी नीचे आ गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में अपराध के मामले बढ़े। अब तीसरे साल यानी 2022 में 2021 की तुलना में कुल संज्ञेय अपराध कम सामने आए। एनसीआरबी की तरफ से जारी आंकड़े में वर्ष 2022 में हुए अपराध का लेखा जोखा दिया गया है। इसके मुताबिक जनपद में वर्ष 2022 में कुल संज्ञेय अपराध के 8230 मामले दर्ज किए गए। जबकि वर्ष 2021 में कुल संज्ञेय अपराध की संख्या 12675 थी। वहीं महिला अपराध के मामले में नोएडा पुलिस कमिश्नरेट तुलनात्मक रूप से बैकफुट पर रहा। 2021 में महिला अपराध के 882 मामले सामने आए। वहीं वर्ष 2022 में 940 मामले दर्ज किए गए।
तीन वर्ष में कुल दर्ज एफआईआर
वर्ष 2020: 9251
वर्ष 2021: 12675
वर्ष 2022: 8230
महिला अपराध
वर्ष 2021: कुल: 882
दुष्कर्म: 46,
दहेज हत्या: 45,
दहेज उत्पीड़न: 257,
पॉक्सो एक्ट: 80
वर्ष 2022:
कुल: 940
दुष्कर्म: 29,
दहेज हत्या: 32,
दहेज उत्पीड़न: 293,
पॉक्सो एक्ट: 74
दहेज उत्पीड़न के मामले बढ़े
वर्ष 2021 की तुलना में 2022 में महिला अपराधों में वृद्घि दर्ज की गई है। इसमें दहेज उत्पीड़न के मामले 2022 में अधिक आए। हालांकि दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व दहेज हत्या के मामलों में कमी दर्ज की गई। इसके अलावा महिला संबंधी अन्य अपराध में भी कमी हुई है।
महिला हेल्प डेस्क, जागरुकता का नहीं दिखा असर
कमिश्नरेट बनने के बाद महिला व बाल अपराध पर अंकुश लगाने के लिए डीसीपी महिला सुरक्षा का पद सृजित किया गया था। इसके बाद जनपद में महिला सुरक्षा को लेकर कई तरह के दावे किए गए। इनमें मिशन शक्ति के तहत थानों में महिला सुरक्षा टीम, महिला हेल्प डेस्क से लेकर ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई अभियान चलाए गए। हालांकि इन तमाम प्रयासों के बाद भी महिला उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई।

