नोएडा में बन रहे इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स का निर्माण बंद हो गया है। (Noida International Golf Course Work Stop) पहले ही जमीन की कमी से अड़ंगा लगा हुआ है था, जिसे दूर करने में भूलेख अधिकारियों को पसीना आ रहा है। अब परियोजना को पूरा करने में बजट अड़ंगा बन गया है। प्राधिकरण में ठेकेदार का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे ठेकेदार ने गोल्फ कोर्स का आधा अधूरा काम रोक दिया है। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से गोल्फ कोर्स की 3600 सदस्यता के बल पर 125 करोड़ रुपये की परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा था।
1000 लोगों को नए गोल्फ कोर्स के लिए सदस्यता दी गई है, जिससे 48 करोड़ रुपये प्राधिकरण के पास आ चुका है। प्राधिकरण ने परियोजना पर 52 करोड़ रुपये खर्च किया। लेकिन प्राधिकरण की ओर से ठेकेदार के करीब 9 करोड़ रुपये का बिल पास नहीं किया गया, जबकि यह बिल अक्टूबर माह का जारी किया जाना था। जिसके बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य को रोक दिया। (Noida International Golf Course Work Stop) काम रुकने से उन 1000 लोगों का पैसा फंसता दिख रहा है जिन्होंने मैंबर शिप के लिए पैसा जमा किया।
पहले समझे कि बीच में ही क्यों रोक दी गई सदस्यता
गोल्फ कोर्स की सदस्यता साक्षात्कार के जरिए की जा रही थी। इसमें दो श्रेणी में सदस्याता शुल्क है। पहला सरकारी जिनके लिए ये शुल्क 3 लाख और अन्य के लिए 10 लाख रुपए है। पहले फेज में 1000 लोगों ने सदस्यता ली। इसके बाद प्राधिकरण ने सदस्यता रोक दी। जबकि कुल 3600 लोगों को सदस्यता दी जानी है। सदस्यता रोकने की वजह से ही बजट में कम पड़ गया और योजना को रोकना (Noida International Golf Course Work Stop) पड़ गया।
अब समझते है जमीन विवाद और खसरा नंबर के बारे में
कामबख्शपुर खसरा नंबर 74,295 करीब 7300 वर्गमीटर ये खसरा हेलीपोर्ट और गोल्फ कोर्स दोनों में आ रहा है। किसान बार-बार आश्वासन देते है लेकिन अब तक जमीन प्राधिकरण को नहीं मिल पाई है। कामबख्शपुर खसरा नंबर 99,101 करीब 2158 वर्गमीटर ये खसरा क्लब बिल्डिंग से समीप ड्राइविंग रेंज में आ रहा है। किसान का कहना है भूमि के बदले दूसरे स्थान परी जमीन दी जाए। कामबख्शपुर खसरा नंबर 96,98 करीब 9300 वर्गमीटर ये खसरा हेलीपोर्ट पहुंच मार्ग है। गोल्फ बाउंड्री वॉल और गोल्फ ग्रीन्स में आ रहे है। (Noida International Golf Course Work Stop) किसान का कहना है मेरी जमीन के बदले दूसरे स्थान पर जमीन दी जाए।
कामबख्शपुर खसरा नंबर 90 जमीन 40/84 वर्गमीटर इसमें हेलीपोर्ट की बाउंड्री वॉल व गोल्फ ग्रीन्य आ रहा है। किसान का कहना है मेरी भूमि छोड़ दी जाए। कामबख्शपुर खसरा नंबर 106,107 जमीन 600 वर्गमीटर इसमें इसमें भी हेलीपोर्ट की बाउंड्री वाल और गोल्फ ग्रीन्स में आ रहे है। किसान का कहना है मेरी भूमि का आकलन ठीक ढंग से नहीं किया गया है। कामबख्शपुर खसरा नंबर 91 जमीन करीब 1450 वर्गमीटर इस खसरे में बाग और मंदिर बने है। इसमें केवल 18 मीटर चौड़ी पुस्ते से लगी भूमि को खरीदना है। किसान का कहना है मै अपनी जमीन नहीं दूंगा। कामबख्शपुर खसरा नंरब 68 जमीन 2250 वर्गमीटर ये जमीन हेलीपोर्ट की पहुंच मार्ग, गोल्फ कोर्स बाउंड्री और गोल्फ ग्रीन्स में आ रहा हे। इसी खसरे की 2667 वर्गमीटर जमीन आपसी समझौते के तहत खरीदी जा चुकी है। लेकिन किसान का कहना है बैनामा के समय मेरे हिस्से की जमीन का न तो मुआवजा मिला और न ही मेरे हस्ताक्षर कराए गए। मै अपनी भूमि नहीं छोड़ सकता। झट्टा खसरा नंबर 464 ये जमीन गोल्फ कोर्स के बाउंड्री लाव और ड्राइविंग रेंज में है। कास्तकार ने बैनामे के लिए साइन कर दिए है। फाइल भूलेख विभाग में है। झट्टा खसरा नंबर 456 ये जमीन हेलीपोर्ट पहुंच मार्ग किए 18 मीटर चौड़ाई में पुस्ते से लगी हुई क्रय किया जाना आवश्यक है। किसान का हना है खसरा नंबर 464 की कार्यपाही पूरी होने के बाद ही साइन करुंगा।
128 एकड़ में गोल्फ कोर्स का किया जा रहा निर्माण
गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है।
इसमें कुल 18 होल होंगे।
128 एकड़ में गोल्फ कोर्स का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें 94.369 एकड़ में गोल्फ एरिया, 6.895 एकड़ में क्लब और पार्किंग एरिया, 7.910 एकड़ में ड्राइविंग रेंज एरिया, 4.702 एकड़ में एनटी लाइन एरिया, 9.289 एकड़ में हेलीपोर्ट और 4.614 एकड़ में हेलीपोर्ट एप्रोच रोड एरिया।
मार्च 2024 तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा।

