गाजियाबाद। लाइनपार क्षेत्र के बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने को लेकर बनाया गया क्रीड़ा पार्क नगर निगम की बदहाली के कारण कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बनता जा रहा है। पार्क को लेकर नगर निगम की उदासीनता से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष पनप रहा है। लाइनपार क्षेत्र लाखों बच्चों के लिए यहीं एकमात्र बड़ा क्रीड़ा पार्क है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की माताजी भीमाबाई के नाम से बनाए गए इस क्रीड़ा पार्क में पिछले काफी समय से कूड़ा डाला जा रहा है।
करीब 32 लाख रुपए में नगर निगम ने इस क्रीड़ा पार्क का निर्माण कराया था। लेकिन नगर निगम की लापरवाही कहिए या उदासीनता, यह पार्क समय के साथ बदहाल होता गया। स्थानीय लोगों ने इस पार्क की बदहाली को लेकर नगर निगम के उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज से मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने क्रीड़ा स्थल की हालत सुधारने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यह पार्क बेहद क्षतिग्रस्त हालत में है। इस पार्क के आसपास दलित समाज के लोगों की आबादी ज्यादा है। इस पार्क का शिलान्यास 15 अप्रैल 2003 को तत्कालीन मेयर दिनेश चंद गर्ग ने किया था। उदघाटन मौके पर तत्कालीन सांसद रमेशचंद तोमर और विधायक सुरेंद्र गोयल भी उपस्थित थे।
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लोकजन शक्ति पार्टी के पश्चिम उप्र के सचिव बृजेश सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भीमाबाई अंबेडकर के नाम से बने क्रीड़ा पार्क की मरम्मत और सौंदर्यीकरण कराने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब की माताजी के नाम पर बने इस पार्क की बदहाली से दलित समाज के रोष पनप रहा है। इस पार्क के विकास और सौंदर्यीकरण नहीं किया गया तो दलित समाज के लोग अपने महापुरुष के सम्मान में आंदोलन करने को बाध्य हो सकता है।

