पहले चंद्रयान, फिर सूर्ययान और अब गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) भारत अंतरिक्ष की दुनिया में अपनी फतह हासिल कर रहा है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में मौजूद सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 10 बजे गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया।
समझें क्या है गगनयान मिशन और क्या है इसका उद्देश्य
गगनयान का मिशन इंसानों को अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचले ऑर्बिट तक भेजना है। पृथ्वी की सतह से निचली कक्षा की दूरी 400 किमी है और यहां से स्पेस शुरू हो जाता है और यह गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) पहला ऐसा स्पेस मिशन होगा जिसमें इंसानो को स्पेस भेजा जाएगा। ये गगनयान मिशन तीन दिनों तक का होने वाला है जिसमें एस्ट्रोनोट्स को स्पेस में भेजा जाएगा और फिर सफलतापूर्वक धरती पर लाया जाएगा। एस्ट्रोनोट्स की लैंडिंग हिंद महासागर में की जाएगी।
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गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट सफल
हालांकि तकनीकी ख़ामियों और मौसम को देखते हुए गगनयान की लॉन्चिंग के समय को बदला भी गया पहले सुबह 8 बजे लॉन्च होना था लेकिन उसके बाद इसे 8:45 पर किया गया और फाइनली 10 बजे जाकर जब सारी तकनीकी खामियों को दूर किया गया और मौसम को सही देखा गया तब गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) की लॉन्चिंग की गई।
गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) की पहली टेस्ट फ्लाइट के जरिए लॉन्च किए गए रॉकेट से क्रू मॉड्यूल सफलतापूर्वक अलग हुआ और बंगाल की खाड़ी में लैंड कर गया है इसरो चीफ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस मिशन का मकसद क्रू एस्केप सिस्टम की जांच करना था।

