ग्रेटर नोएडा में सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद ग्रेनो वेस्ट के शाहबेरी में अवैध निर्माण ( illegal construction) जारी है। अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराने पर मेसर्स गणेश इंफाटेक के बिल्डर दिल्ली के आदर्श नगर के सचिन कंसल और बीटा-एक सेक्टर के अतुल जिंदल पर केस दर्ज किया गया है। यहां 20 से अधिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। आरोपी दिन रात लगातर धड़ले से निर्माण करा रहे हैं।
अवैध निर्माण को कई बार रोकने के किए गए प्रयास लेकिन…
ग्रेनो प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक नाजिम खान ने बिसरख कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है उनका आरोप है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शाहबेरी गांव आता है। सुप्रीम कोर्ट ने यहां निर्माण आदि पर रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद बिना प्राधिकरण की अनुमति के सचिन और अतुल यहां अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर रहे हैं। इन्हें अवैध निर्माण ( illegal construction) करने से कई बार रोका गया है, इसके बावजूद भी निर्माण में मशगूल थे।
हल्की धाराओं में अवैध निर्माण वालों पर की जा रही कार्रवाई
बिसरख कोतवाली में मामले में आईपीसी की धारा-188 और 447 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। शाहबेरी में पांच साल पहले दो अवैध भवन गिरने से नौ लोगों की मौत के बाद यहां 90 से अधिक अवैध निर्माण ( illegal construction) के केस दर्ज हो चुके हैं। कई बिल्डर व अन्य आरोपियों को गैंगस्टर आदि के केस में जेल भी भेजा गया है। लेकिन अब कुछ माह से अवैध निर्माण करने वालों पर हल्की धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।
किसने बदला लैंडयूज
एफआईआर में नामजद किए गए आरोपियों पर लैंडयूज बदलकर अवैध निर्माण ( illegal construction) करने का आरोप लगाया गया है। सवाल यह उठता है कि लैंडयूज किसने बदलवाया। बिना प्राधिकरण के अधिकारियों की सहमति के शाहबेरी में लैंडयूज कैसे बदल गया। इससे पहले शाहबेरी में हुए अवैध निर्माण को लेकर भी अधिकारियोें पर मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं।
यदि किसी अधिकारी ने इस तरह की गड़बड़ी कराते हुए लैंड यूज बदलवाया है, यदि उसमें सहभागिता मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। – रवि कुमार एनजी सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण

