Women Reservation Bill: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में है लेकिन विधेयक में जो कमियां हैं उन्हें पहले दूर किया जाए। खड़गे ने बुधवार को मीडिया से कहा कि सरकार इस कानून को जनगणना, परिसीमन होने के बाद लागू करना चाहती है। ऐसे में विधेयक में जो खामियां हैं उसे दूर किया जाना चाहिए।
सोनिया गांधी ने कहा यह हमारा विधेयक है
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को सोनिया गांधी ने भी कहा था कि यह हमारा विधेयक है। महिला आरक्षण विधेयक कांग्रेस सरकार लेकर आई थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था।
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सबसे पहले कांग्रेस लेकर आई बिल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया। इसके बाद अप्रैल 1993 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को सदन में फिर से पेश किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए। उन्होंने आगे बताया कि आज पंचायतों और नगर पालिकाओं में 15 लाख से अधिक चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। जो की 40 प्रतिशत के आसपास हैं।
कांग्रेस पिछले नौ साल से कर रही मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण के लिए राज्यसभा में संविधान संशोधन विधेयक लाए और वह पारित भी हो गया लेकिन निचले सदन में यह विधेयक पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले नौ साल से मांग कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक, जो पहले ही राज्यसभा से पारित हो चुका है, उसे लोकसभा से भी पारित कराया जाना चाहिए।

