नोएडा प्राधिकरण के एक-दो अफसर नहीं, पूरा तंत्र ही भ्रष्टाचार में डूबा है सुप्रीम कोर्ट की नोएडा प्रधिकरण को लेकर की गई ये तल्ख टिप्पणी कितनी सटीक है, इसका नमूना एक बार फिर देखने को मिला जब सेक्टर-12 के जेड ब्लॉक में अवैध निर्माण के कारण चार माह पहले आवंटन निरस्त किये गये एक फ्लैट पर न सिर्फ़ उसका मालिक कब्जा है और इतना नहीं अवैध रूप से बने अतिरिक्त मंजिल को किराये पर दे रखा है। जबकि आवंटन निरस्त किये का नोटिस भी फ्लैट पार चस्पा है।
देर रात चोरी छुपे हो रहा निर्माण सेक्टर-12 के जेड ब्लॉक के फ्लैट नंबर-355बी पर हो रहा है। फ्लैट की निवासी रेनू बिष्ट ने दो मंजिले फ्लैट के ऊपर अवैध रूप से दो और मंजिल का निर्माण कर लिया। इससे बगल के फ्लैटों में रहने वालों को दिक्कतें होने लगीं। बारिश का पानी भी दूसरों के घरों में जाने लगा। इस बात की शिकायत पर प्राधिकरण ने 26 सितंबर 2022 को फ्लैट की ओनर रेनू बिष्ट के नाम नोटिस जारी किया था। लेकिन, उसका जवाब नहीं दिया गया और न ही अवैध निर्माण को ही हटाया गया।
पुलिस और नोएडा प्राधिकरण भी अवैध निर्माण को रोकने में रहा असफल
वर्क सर्किल एक के वरिष्ठ प्रबंधक ने 27 सितंबर 2022 को सेक्टर-12 के फ्लैट नंबर जेड-355बी की छत पर अवैध रूप से दो अतिरिक्त मंजिल के निर्माण को रुकवाया। लेकिन, उसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहा। इतना ही नहीं, साइट स्टॉफ के साथ भी अभद्र बर्ताव किया गया। इस मामले में कई बार पुलिस को भी दखल देना पड़ा, लेकिन हर बार दबंगों के आगे नतमस्तक होकर पुलिस भी लौट गई। प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भी कई बार अवैध निर्माण को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी धमकी देकर भगा दिया गया।
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अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार जारी
जब प्राधिकरण ने 25 नवंबर 2022 को अंतिम नोटिस जारी करते हुए, रेनू बिष्ट को चेताया। अवैध निर्माण को सात दिनों में हटाने की चेतावनी दी गई। उसके बावजूद फ्लैट मालिक पर कोई असर नहीं हुआ और अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। जिस पर 16 मई 2023 को प्रबंधक (भवन) ने सेक्टर-12 के ब्लॉक जेड के फ्लैट नंबर 355बी के आवंटन को निरस्त कर दिया। प्राधिकरण की यह कार्रवाई सिर्फ कागजी बनकर ही रह गई। 16 मई 2023 को फ्लैट के निरस्तीकरण का आदेश जारी होने के चार महीने बाद भी उस फ्लैट पर आवंटी का न सिर्फ कब्जा है, बल्कि उसमें वह रह भी रहे हैं। लेकिन, प्राधिकरण ने अब तक उस अवैध निर्माण को न तो ध्वस्त कराया और न ही फ्लैट को अपने कब्जे में लिया। मौके पर अब भी अवैध निर्माण जारी है।

