Delhi – Meerut Rapid Rail: मेरठ – दिल्ली के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल प्रोजेक्ट की गति और तेज होने वाली है। शासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए 350 करोड़ की धनराशि देने के लिए हरी झंडी दे दी है। कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट को नई गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और मेरठ के बीच रैपिड रेल का निर्माण भारत सरकार की महत्वाकांक्षयी योजनाओं में से एक है। इस प्रोजेक्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार कुल 956 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें 350 करोड़ की धनराशि के लिए प्रदेश सरकार ने अपनी संस्तुति दे दी है।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक को भेजा पत्र
इस मामले में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने एक पत्र जारी किया है। यह पत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक को भेजा है। पत्र में यह साफ कर दिया गया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए दी जाने वाली धनराशि हर हाल में इसी प्रोजेक्ट में खर्च की जाए। इस पैसे का प्रयोग कहीं और किसी कीमत पर नहीं होना चाहिए। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि रैपिड रेल कॉरिडोर के चल रहे कार्य के दौरान मानक एवं गुणवता की जिम्मेदारी एनसीआरटीसी की होगी।
यह भी पढ़ें: पैसेंजर लिफ्ट गिरने से बड़ा हादसा, चार लोगों की मौत , 9 गंभीर रूप ये घायल
निर्धारित समय पर कार्य हो पूरा
उल्लेखनीय है कि रैपिड रेल प्रोजेक्ट मार्च 2024 तक पूरा होना है। ऐसे में पत्र में कहा गया है कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में पूरा हो। इसके लिए सभी तरह की आपत्तियां नियमानुसार दूर की जाए। किसी भी कीमत पर इसमे रोड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश शासन यह पैसा एनसीआरटीसी को एकमुश्त न देते हुए व्यय के अनुसार रीलीज करता रहेगा।
यह भी पढ़ें: अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी दिल्ली द्वारका को सौपेंगे “यशोभूमि”
एक हिस्से का काम पूरा
निर्धारित धनराशि का उपभोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2024 तक कर लिया जाए। प्रदेश शासन प्रोजक्ट का काम पूरा होने के बाद उसका प्रमाणपत्र भी लेगा। इस समय दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर के विस्तार का काम काफी तेजी के साथ किया जा रहा है। इसके एक हिस्से का काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ के बीच का कार्य काफी तेजी से चल रहा है।

