Haldiram-Tata Deal : हल्दीराम की शुरुआत करीब 85 साल पहले साल 1937 में भुजिया, नमकीन और मिठाइयां बनाने वाली कंपनी के तौर पर हुई थी, लेकिन लंबे समय तक इस सेक्टर की बड़ी खिलाड़ी ये कंपनी अब बिकने जा रही है। ख़बरों की मानें तो Tata Consumer हल्दीराम में 51 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी खरीदकर इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकती है। हालांकि, अभी तक न तो Tata Group और न ही Haldiram कंपनी की ओर से इस डील को लेकर कोई टिप्पणी की गई है।
हल्दीराम ने रखा 10 अरब डॉलर का वैल्यूएशन
हल्दीराम ने इस डील के लिए 10 अरब डॉलर का वैल्यूएशन रखा है। जानकारी के हिसाब से टाटा ग्रुप की स्नैक्स कंपनी ने हल्दीराम में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई है। हालांकि अभी दोनों ही कंपनियों के बीच बात-चीत का दौर जारी है और डील को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वहीं टाटा ग्रुप का मानना है कि कंपनी की ओर रखी गई डिमांड बहुत ज़्यादा है।
150 रेस्तरां चलाती है हल्दीराम
हल्दीराम पूरे भारत भर में लगभग 150 रेस्तरां चलाती है, जहां नमकीन, मिठाई, भारतीय भोजन समेत पाश्चात्य भोजन भी सर्व किया जाता है। गौरतलब हो कि हल्दीराम के प्रोडक्टस् की ना केवल भारत बल्कि सिंगापुर और अमेरिका में भी ज़बरदस्त मांग है। हल्दीराम भारत में के स्नैक्स मार्केट में लगभग 13 फीसद की हिस्सेदारी रखती है।

