ISRO News : आदित्य एल1 ने आज सफलतापूर्वक कक्षा बदल ली है। इसकी जानकारी देते हुए इसरो ने बताया कि रविवार को सुबह करीब 11.45 बजे पहली अर्थ बाउंड फायरिंग की जिसकी मदद से आदित्य एल1 ने कक्षा बदली। आदित्य एल1 अगला मैनुवर पांच सितंबर को करेगा। पूथ्वी से अब एल1 की दुरी लगभग 22,459 किलोमीटर है।
02 सितम्बर को लॉन्च हुआ था आदित्य एल1
02 सितम्बर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो ने आदित्य एल1 को PSLV C-57 लॉन्च व्हीकल से सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। यह मिशन भी चंद्रयान-3 की तरह पहले पृथ्वी की परिक्रमा करेगा और फिर यह तेजी से सूरज की दिशा में उड़ान भरेगा।
पृथ्वी की कक्षा में 16 दिन रहेगा आदित्य एल1
अर्थ बाउंड मैनुवर्स की मदद से यह फायरिंग की गई। जिससे आदित्य एल1 ने अपनी कक्षा बदलकर अगली कक्षा में प्रवेश किया। इसरो ने बताया कि आदित्य एल1 ने पावर जेनरेट करना शुरू कर दिया है। आदित्य एल1 पृथ्वी की कक्षा में 16 दिन बिताएगा। इस दौरान पांच बार इसकी कक्षा बदलने के लिए अर्थ बाउंड फायरिंग की जाएगी।
लैग्रेंजियन पॉइंट पर पहुंचने में लगेंगे 110 दिन
110 दिन की यात्रा के बाद आदित्य एल1 लैग्रेजियन-1 पॉइंट पर पहुंचेगा। लैग्रेंजियन-1 पॉइंट पहुंचने के बाद आदित्य एल1 में एक और मैनुवर किया जाएगा, जिसकी मदद से आदित्य एल1 को एल1 पॉइंट के हेलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। यही से आदित्य एल1 सूरज की स्टडी करेगा। यह लैग्रेंजियन पॉइंट सूरज की दिशा में पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है। आदित्य एल1 के साथ सात पेलोड भेजे गए हैं, जो सूरज का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इनमें से चार पेलोड सूरज की रोशनी का अध्ययन करेंगे। वहीं बाकी तीन सूरज के प्लाजमा और चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन करेंगे।
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