नोएडा एक से दो महीने में मौसम बदलेगा और ठंड बढ़ेगी। इसके साथ यमुना एक्सप्रेस वे पर कोहरा बढ़ेगा। दुर्घटनाएं भी बढ़ सकती है। इसे रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पायलट प्रोजेक्ट पर दो वाच टावर लगाए गए थे। ज्वाइंट सीपी आंनद कुलकर्णी ने बताया कि अब टावरों की संख्या बढ़ाकर 10 की जा रही है। ग्रेटरनोएडा के जीरो प्वाइंट से जेवर टोल करीब 50 किमी में ये वॉच टावर लगाए जाएंगे। इसमें दोनों साइड प्रत्येक 10-10 किमी पर वॉच टावर होगा।
इन टावरों की ऊचाई करीब 15 फीट रखी गई है। जिस पर सीसीटीवी कैमरे और दूरबीन लगाई जाएगी। यहां यलो लाइट का प्रयोग होगा। सभी वॉच टावर एक दूसरे से इंटरनली लिंक होंगे। ताकि कोई भी सूचना का आदान प्रदान तुरंत किया जा सके। उदाहरण के तौर पर यदि कोई एक्सीडेंट जीरो प्वाइंट से 5-6 किती पर होता है। सभी टावरों को अलर्ट पहुंच जाएगा और यहां ट्रैफिक को रोक दिया जाएगा।
कोहरे में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। इसके जरिए यातायात को भी सुचारु रुप से चलाया जा सकेगा। यानी ऐसा समझे के सीसीटीवी कैमरों के अलावा अब एक्सप्रेस वे के 50 किमी की मैन्यूवली सर्विलांस होगा। इन वॉच टावर पर 8-8 घंटे पुलिस कर्मियों की डियूटी लगाई जाएगी। यानी 24 घंटे एक्सप्रेस वे की निगरानी की जाएगी।
बीते साल की तुलना में बढ़े चालान
यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर से रफ्तार का नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की संख्या बढ़ी है। बीते साल की तुलना में इस साल प्रत्येक माह में अधिक चालान हुए हैं। पिछले वर्ष 1205 चालान हुए थे। इस वर्ष अब तक 1560 चालान हो चुके हैं। चालान की जद में आए ज्यादातर वाहनों की गति 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी।
यमुना एक्सप्रेस की तय है स्पीड लिमिट
हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग गति सीमा निर्धारित यमुना एक्सप्रेस वे पर हल्के और भारी वाहनों की अलग-अलग गति सीमा निर्धारित है। इसमें हल्के वाहनों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। इससे अधिक गति में वाहन दौड़ते मिलने पर चालान किए जाते हैं। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रति घंटा पांच से दस किलोमीटर अधिक रफ्तार पर चालान नहीं होते हैं। यदि रफ्तार इससे भी ऊपर पहुंच जाती है तो चालान किए जाते हैं।
वॉच टावर पर तीन टीमों का होगा कोर्डिनेशन
वॉच टावर पर तैनात पुलिसकर्मी मोबाइल यूनिट्स, डायल 112 और सर्विलांस टीम के साथ कोऑर्डिनेशन में काम करेंगे। इनकी ऊचाई 15 फीट ऊंची है। जिन पर दो पुलिसकर्मी आसानी से बैठकर यमुना एक्सप्रेसवे से होकर गुजरने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों पर दूरबीन और सीसीटीवी कैमरे, वायरलेस सेट और फ्लैश लाइट से नजर बनाकर रखेंगे।

