नेपाल के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर नोएडा के जालसाजों ने वकील से 1.16 करोड़ की ठगी कर ली। जालसाजों ने सेक्टर-62 में ऑफिस खोलकर वारदात को अंजाम दिया। गाजियाबाद निवासी हरीश कुमार शर्मा की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने विवेकमणि त्रिपाठी और कमल सिंह बिष्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपी कई और लोगों से इसी तरह ठगी कर फरार हैं।
वकील हरीश शर्मा ने कहा आरोपियों ने एडमिशन के बहाने उनसे कई करोड़ रूपये ठगे
पुलिस को दी शिकायत में वकील हरीश कुमार शर्मा ने बताया कि बेटी संस्कृति शर्मा ने नीट पीजी 2021 की परीक्षा दी थी। ऑनलाइन उनके रिजल्ट का डाटा निकाल कर सेक्टर-62 स्थित ग्लोबल ड्रीम एजुकेशन कंपनी के निदेशक विवेकमणि त्रिपाठी और कमल सिंह बिष्ट ने उनसे संपर्क किया। दोनों ने बातचीत में कहा कि उनकी नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री से अच्छी जान पहचान है। वह उनकी बेटी का दाखिला नेपाल के बीपी कोईराला मेडिकल कॉलेज या आईओएम महाराजगंज त्रिभुवन युनिवर्सिटी में दाखिला दिला देंगे। इसके बाद लगातार फोन से संपर्क कर उन्हें झांसे में ले लिया। आरोपियों ने मेडिकल कॉलेज में दाखिले की बात कहकर कई बार में 1.16 करोड़ रुपये ले लिए।
फर्जी दाखिले का लेटर देकर लगवाए कई चक्कर
इसके बाद उनकी बेटी ने सेक्टर-62 में स्थित आरोपियों के ऑफिस ग्लोबल ड्रीम एजुकेशन में पहुंची। जहां निदेशक विवेकमणि त्रिपाठी ने नेपाल स्थित आईओएम महाराजगंज त्रिभुवन युनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने की बात कही। जिसमें कुल 1.50 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। हरीश ने बताया इसके बाद आरोपी उनकी बेटी का फर्जी दस्तावेज बनवाया और जल्द ही दाखिला दिलाने की बात करके उनको टहलाते रहे। इसके बाद उनकी बेटी को फर्जी दाखिले का लेटर दे दिया। जब उनकी बेटे नेपाल स्थित कॉलेज पहुंची तब वहां पर उसका दाखिला नहीं होने की जानकारी हुई।
वापस लौटने पर जब पिता और पुत्री आरोपी के ऑफिस पहुंचे। हालांकि तब आरोपी कंपनी बंद कर फरार हो चुके थे। अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी मेडिकल कॉलेज में दाखिले की बात करके कई अन्य लोगों के साथ भी ठगी कर चुके हैं। नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि इस मामले में कोतवाली सेक्टर-58 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।

